न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के सुपौल जिले में बुधवार की शाम एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। छातापुर बस स्टैंड पर खड़ी 'देव ट्रेवल्स' की एक बस अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। आग की लपटें इतनी ऊंची और तेज थीं कि स्टैंड पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई। देखते ही देखते बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त बस के भीतर कोई यात्री मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जानहानि हो सकती थी।
दमकल के इंतजार में खाक हुई बस
हादसे के बाद प्रशासन की सुस्ती ने स्थानीय लोगों को गहरे आक्रोश में डाल दिया। बताया जा रहा है कि आग लगने के तुरंत बाद पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन टीम समय पर नहीं पहुंची। जब मदद नहीं मिली, तो स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाई और खुद ही बालू व पानी के जरिए आग बुझाने की जद्दोजहद में जुट गए। करीब पौन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को शांत किया गया, लेकिन तब तक बस का केवल लोहे का ढांचा ही बचा था।
देरी से पहुंची पुलिस और दमकल पर हमला
दमकल की गाड़ी जब काफी देर बाद मौके पर पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्से से भरी भीड़ ने दमकल कर्मियों को वहां से खदेड़ दिया, जिसके बाद उन्हें अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। बात यहीं नहीं रुकी; आक्रोशित ग्रामीणों का हुजूम भीमपुर थाने के बाहर जमा हो गया और जमकर नारेबाजी की। इस हंगामे के दौरान सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। भीड़ ने पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की और थाने के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों व ट्रैफिक बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर दिया।
पटना जाने की तैयारी में थी बस
बस कर्मचारी मनोज भगत के अनुसार, बस (नंबर BR 31 P 8321) रात आठ बजे पटना के लिए रवाना होने वाली थी। स्टैंड पर खड़ी खाली बस में अचानक लगी इस आग की प्रारंभिक वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, एसडीपीओ समेत कई थानों की पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
सुपौल के एसपी शरथ आरएस ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि आगजनी की घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून को हाथ में लेने की कोशिश की है। पुलिस की गाड़ियों पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से उपद्रवियों की पहचान कर रही है, ताकि उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।