न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार की राजधानी पटना को जाम मुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा मास्टरप्लान तैयार कर लिया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के सख्त निर्देश पर शनिवार, 2 मई से पूरे पटना में अतिक्रमण के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध शुरू होने जा रहा है। यह विशेष अभियान 30 मई तक लगातार चलेगा, जिसका मकसद सड़कों और फुटपाथों को अवैध कब्जेदारों से पूरी तरह आजाद कराना है।
प्रशासन का 'मेगा प्लान' और सख्त हिदायत
इस मुहिम को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने नौ अलग-अलग विशेष टीमें तैनात की हैं, जो हर दिन शहर के कोने-कोने में सक्रिय रहेंगी। डीएम ने साफ कर दिया है कि इस कार्य में बाधा डालने वाले या सरकारी टीम से उलझने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने कड़े रुख के साथ आदेश दिया है कि जो लोग एक बार हटाए जाने के बाद फिर से उसी जगह कब्जा करेंगे, उन पर तत्काल पुलिस केस (FIR) दर्ज किया जाए।
इन प्रमुख इलाकों पर रहेगी पैनी नजर
राजधानी के वीआईपी और सबसे व्यस्त रास्तों को इस बार प्राथमिकता दी गई है। नेहरू पथ (बेली रोड), बोरिंग रोड, अटल पथ और कंकड़बाग मेन रोड जैसे इलाकों में भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई होगी। इसके अलावा दानापुर स्टेशन से सगुना मोड़, गांधी मैदान और पटना सिटी जैसे अंचलों में भी प्रशासन का बुलडोजर गरजेगा। सभी बड़े चौराहों और गोलंबरों को 'जीरो टॉलरेंस जोन' बनाया गया है, जहाँ किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं होगा।
जुर्माने का कड़ा प्रहार और सुरक्षा व्यवस्था
अवैध कब्जे की सजा अब जेब पर भी भारी पड़ेगी। प्रशासन ने अस्थायी अतिक्रमण के लिए 5,000 रुपये और स्थायी निर्माण के लिए 20,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया है। इस अभियान में नगर निगम, पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभाग मिलकर काम करेंगे। विशेष तौर पर अस्पतालों के आसपास का रास्ता साफ रखा जाएगा ताकि एम्बुलेंस की आवाजाही में कोई रुकावट न आए। वाहन जांच और पार्किंग उल्लंघन पर भी प्रशासन की सख्त नजर रहेगी।