न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
धीरज कुमार सिंह / जमुई - बिहार में लागू शराबबंदी कानून की आड़ में अवैध वसूली के बड़े खेल का खुलासा जमुई में हुआ है। इस मामले में उत्पाद विभाग के दो सहायक अवर निरीक्षक (ASI) और दो गृह रक्षक जवानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना ने कानून व्यवस्था और शराबबंदी की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हाईलाइट्स:
- शराबबंदी की आड़ में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा
- नवादा उत्पाद विभाग के 2 ASI और 2 होमगार्ड गिरफ्तार
- अपहरण और ₹5 लाख फिरौती की मांग से खुला मामला
- ₹1.5 लाख बरामद, अपहृत व्यक्ति सुरक्षित मिला
- पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी
भाई के अपहरण की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल की देर शाम पिंटू कुमार ने जमुई थाना में लिखित आवेदन देकर अपने बड़े भाई संतोष कुमार के अपहरण और फिरौती की मांग की सूचना दी। इस आधार पर थाना में कांड संख्या 193/2026 दर्ज किया गया। आवेदन में बताया गया कि संतोष कुमार दोपहर करीब 1 बजे अपनी क्रेटा कार से घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे।
फोन कॉल में मांगी गई 5 लाख की फिरौती
शाम करीब 7:30 बजे संतोष कुमार ने परिजनों को फोन कर बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया है और उन्हें छोड़ने के लिए ₹5 लाख की फिरौती मांगी जा रही है। इस सूचना के बाद घबराए परिजनों ने तत्काल ₹2 लाख की व्यवस्था की और नवादा की ओर रवाना हुए। परिजनों के अनुसार, नवादा पहुंचने पर पकरीबरावाँ उत्पाद थाना में उनसे संपर्क किया गया, जहां क्रेटा गाड़ी छोड़ने के एवज में ₹1.5 लाख की मांग की गई। मजबूरी में परिजनों ने उक्त राशि दे दी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरु की।
जांच में सामने आए विभागीय कर्मियों के नाम
जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इस पूरे मामले में पकरीबरावाँ उत्पाद थाना के ASI सुजीत कुमार, ASI दिलीप कुमार और गृह रक्षक रविंद्र कुमार व गुलशन कुमार शामिल थे। जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिरौती की रकम बरामद, अपहृत सुरक्षित
पुलिस ने आरोपियों के पास से फिरौती के रूप में वसूले गए ₹1.5 लाख में से पूरी राशि एएसआई दिलीप कुमार के घर से बरामद कर ली है। साथ ही अपहृत संतोष कुमार को सुरक्षित बरामद करते हुए उनकी क्रेटा कार भी जब्त कर ली गई है।
शराबबंदी कानून पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि शराबबंदी कानून की आड़ में कुछ अधिकारी अवैध वसूली का खेल खेल रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल पाए जाते हैं और प्रशासन इस पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
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