न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - देश में स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली 10 कोच की DEMU ट्रेन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत और हरित विकास की दिशा में अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारतीय रेल लगातार नई तकनीकों को अपनाकर देश को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की ओर ले जा रही है।
पर्यावरण के अनुकूल होगी नई ट्रेन
यह हाइड्रोजन ट्रेन उत्तर रेलवे के जींद और सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी। 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली इस ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे। ट्रेन में लगाए गए हाइड्रोजन फ्यूल सेल बिजली तैयार करेंगे, जिससे पूरी ट्रेन संचालित होगी। इसमें दो पावर कार लगाई गई हैं, जिनकी क्षमता 1200-1200 किलोवाट है। सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन से धुआं या जहरीली गैसें नहीं निकलेंगी, बल्कि केवल पानी की भाप उत्सर्जित होगी। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और डीजल पर निर्भरता भी घटेगी। साथ ही ट्रेन की आवाज भी सामान्य ट्रेनों की तुलना में काफी कम होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सफर का अनुभव मिलेगा।
सुरक्षा और तकनीकी निगरानी की विशेष व्यवस्था
रेल मंत्रालय ने ट्रेन के सुरक्षित संचालन के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। फिलहाल इस ट्रेन का रखरखाव दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में किया जाएगा। शुरुआत के तीन महीनों तक तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ट्रेन के साथ मौजूद रहेगी, ताकि रास्ते में आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। इसके अलावा हाइड्रोजन प्लांट और ट्रेन के सेंसर पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में इस तकनीक से देश में स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती रेल यात्रा को बढ़ावा मिलेगा।
स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त होता आत्मनिर्भर भारत
देश में रेलवे के आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रेल मंत्रालय ने भारत की पहली हाइड्रोजन-चालित 10 कोच वाली DEMU ट्रेन को मंजूरी दे दी है। इस उपलब्धि पर बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने सोशल मीडिया पोस्ट कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह पहल “स्वच्छ ऊर्जा से सशक्त होता आत्मनिर्भर भारत” का मजबूत उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारतीय रेल द्वारा किए जा रहे नवाचारों और हरित विकास की सराहना करते हुए कहा कि देश तेजी से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ रहा है।
हाइड्रोजन ट्रेन की खासियत और तकनीक
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन उत्तरी रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर चलाई जाएगी। 10 कोच वाली यह DEMU ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी और पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगी। ट्रेन में दो पावर कार लगाए गए हैं, जिनकी क्षमता 1200-1200 किलोवाट है, यानी कुल 2400 किलोवाट की शक्ति इस ट्रेन को मिलेगी। इसके साथ 8 यात्री कोच जुड़े होंगे। खास बात यह है कि यह ट्रेन डीजल या पारंपरिक बिजली से नहीं चलेगी, बल्कि हाइड्रोजन से उत्पन्न ऊर्जा के जरिए संचालित होगी। इससे किसी प्रकार का धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा और केवल पानी की भाप निकलेगी। यही वजह है कि इसे पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान
रेल मंत्रालय ने इस ट्रेन के संचालन और सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की है। फिलहाल इसका मेंटेनेंस दिल्ली के शकूरबस्ती डिपो में किया जाएगा और शुरुआती तीन महीनों तक ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ भी मौजूद रहेगा, ताकि किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। सुरक्षा के लिहाज से हाइड्रोजन प्लांट की 24 घंटे निगरानी की जाएगी और ट्रेन में लगे सेंसर की नियमित जांच व सफाई होगी। यह ट्रेन बेहद शांत तरीके से चलेगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन सुविधाजनक और आधुनिक यात्रा का नया विकल्प बन सकती है।
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