न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क( नमो नारायण सिंह, गोपालगंज) बिहार के गोपालगंज जिले में महिलाओं और कमजोर तबके की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के विजयीपुर थाना क्षेत्र में एक ट्रांसजेंडर युवती (किन्नर) के साथ जबरन दुष्कर्म करने का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि सोमवार की देर रात जब वह अपने बथान में सो रही थी, तभी एक दबंग युवक वहां घुस आया और उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
खाकी का क्विक एक्शन; वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी विनोद राम गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी विनोद राम को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया सदर अस्पताल; फोरेंसिक जांच में जुटी टीम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वारदात वाली जगह का बारीकी से निरीक्षण किया गया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पीड़िता को मेडिकल जांच और काउंसलिंग के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों की टीम से मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद और पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में सख्त चार्जशीट दाखिल की जाएगी। पूछताछ पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
24 घंटे पहले ही हुआ था किशोरी का अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म; दहल उठा है गोपालगंज
स्थानीय लोगों की चिंता और गुस्सा इसलिए ज्यादा है क्योंकि इसी इलाके में महज एक दिन पहले ही एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की खौफनाक वारदात सामने आई थी। उस मामले में भी पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। महज 48 घंटों के भीतर लगातार दो बड़ी वारदातों ने पुलिसिया गश्त और कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोल कर रख दी है।
आरोपियों को फांसी और सख्त सजा देने की उठ रही मांग
इन बैक-टू-बैक वारदातों के बाद से गोपालगंज के लोगों में भारी डर और गुस्से का माहौल है। आम जनता और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोनों मामलों के दोषियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द फांसी या कठोरतम सजा दिलाई जाए, ताकि अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा हो सके।