न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने जा रहा है और उधर भू-माफियाओं और उनके मददगारों के खिलाफ प्रशासन ने अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपना ली है। ताजा मामला गोपालगंज के कुचायकोट से है, जहां करोड़ों की जमीन हड़पने के मामले में पुलिस ने बाहुबली सतीश पांडेय के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस दिया है। पुलिस की टीम ने उनके नया गांव तुलसिया स्थित आवास पर ढोल-नगाड़े बजाकर मुनादी की और फरार आरोपियों के खिलाफ इश्तहार चस्पा कर दिया। इस बड़ी कार्रवाई से जिले के रसूखदारों और रसूख के दम पर जमीन कब्जाने वालों में खौफ का माहौल है।
16 एकड़ जमीन का खूनी खेल, रसूखदारों पर सीधा वार
विवाद की जड़ कुचायकोट थाना क्षेत्र के बेलवा गांव में स्थित करीब 16 एकड़ की बेशकीमती जमीन है। आरोप है कि सत्ता और बाहुबल के मेल से इस कीमती भूखंड पर अवैध कब्जा किया गया था। इस मामले में प्रशासन की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एफआईआर में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी जैसे बड़े नामों को आरोपी बनाया गया है।
सत्ता का संरक्षण या साजिश? पुलिस ने कसी कमर
आरोपियों पर भू-माफियाओं को न केवल संरक्षण देने बल्कि जमीन कब्जाने की पूरी पटकथा रचने का गंभीर आरोप है। हालांकि मामला हाई-प्रोफाइल है, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून सबके लिए बराबर है। इस केस में अब तक चार लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
क्या मिलेगी राहत या बढ़ेगी आफत?
आज यानी गुरुवार का दिन इस पूरे घटनाक्रम के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। एक तरफ पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबाव बना रही है, तो दूसरी तरफ विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय की जमानत याचिका पर न्यायालय में सुनवाई होनी है। इश्तहार चस्पा होने के बाद अब आरोपियों के पास आत्मसमर्पण करने या कुर्की की कार्रवाई झेलने का ही विकल्प बचा है।
भू-माफियाओं के दिन हुए पूरे
ढोल-नगाड़ों के साथ की गई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस अब बैकफुट पर नहीं है। गोपालगंज पुलिस के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जिले की जनता अब टकटकी लगाए अदालत के फैसले का इंतजार कर रही है कि इन माननीयों को राहत मिलती है या पुलिस का शिकंजा और भी ज्यादा सख्त होगा।