न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अभिषेक राज / गयाजी - गया जी में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह इस बार सिर्फ सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी बयानबाजी का बड़ा मंच बन गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने जनसंख्या, महिला सम्मान और सामाजिक सोच जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी, जिसके बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।
हाइलाइट्स -
- गया में HAM(S) के कार्यक्रम में शामिल हुए जीतन राम मांझी
- “हर बच्चा किस्मत लेकर आता है” बयान से चर्चा तेज
- जनसंख्या मुद्दे पर संकीर्ण सोच से बाहर आने की अपील
- महिला सम्मान पर सख्त रुख, अपमानजनक बयान का विरोध
- छात्रा की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा
- पटना में बड़े कार्यक्रम के लिए 10 लाख सहयोग का सुझाव
हर बच्चा अपना भाग्य लेकर आता है - मांझी
मंच से बोलते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि “हर बच्चा सिर्फ पेट लेकर नहीं आता, वह अपना भाग्य लेकर आता है।” उनके इस बयान ने लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं पैदा कर दीं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे जनसंख्या वृद्धि के समर्थक नहीं हैं, लेकिन समाज को इस मुद्दे पर संकीर्ण सोच से बाहर निकलकर व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर पूछे गए सवालों पर मांझी ने कहा कि इस विषय को केवल आलोचनात्मक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और जनसंख्या दोनों मुद्दों को संतुलन के साथ समझने की जरूरत है, ताकि समाज में सही दिशा में सोच विकसित हो सके।
महिला सम्मान पर सख्त संदेश
महिला सम्मान को लेकर दिए गए बयान में जीतन राम मांझी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो भी महिला के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करेगा, उसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने पप्पू यादव के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे गलत करार दिया और कहा कि NDA सरकार की नीति हमेशा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के पक्ष में रही है।
छात्रा की पढ़ाई और सामाजिक घोषणा
कार्यक्रम के दौरान मांझी ने छात्रा प्रियंका कुमारी की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा उन्होंने पार्टी अध्यक्ष संतोष सुमन को पटना में बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने और 10 लाख रुपये के सहयोग का भी सुझाव दिया, जिससे पार्टी संगठन को मजबूत करने की बात सामने आई।
पुराने विवादों से दूरी बनाने का संकेत
पूर्व विधायक रमणिका गुप्ता की किताब ‘आपहुदरी’ को लेकर पूछे गए सवाल पर मांझी ने किसी भी विवाद में पड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आगे बढ़ने और विकास की बात करने का है, न कि पुराने विवादों को दोहराने का।
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