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रांची/डेस्क: केन्द्र सरकार का महत्वाकांक्षी बिल महिला आरक्षण बिल को सदन में फेल करने के बाद लगता है विपक्ष पूरे जोर में हैं. संसद में बिल का गिरना विपक्ष के लिए टॉनिक का काम कर गया है. उसे अब यह अहसास होने लगा है कि विपक्ष अगर एकजुट हो तो वह केन्द्र सरकार के सभी मंसूबों पर पानी फेर सकता है.
चुनावी सीजन में विपक्ष के लिए इस समय चुनाव आयोग कांटे की तरह चुभ रहा है. खास कर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार विपक्ष की आंखों में बुरी तरह से खटक रहे हैं. इसलिए वह उन्हें 'रास्ते से हटाने' की मुहिम में जुट गया है. सूत्र बताते हैं कि विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलने की तैयारी में है. लोकसभाध्यक्ष और राज्यसभाध्यक्ष द्वारा एक बार नोटिस रद्द कर दिए जाने के बाद उन्हें पद से हटाने के लिए संसद में फिर नया नोटिस लाने की तैयारी कर रहा है. विपक्षी INDI गठबंधन अब इसी विषय को लेकर मंथन कर रहा है.
5 वरिष्ठ सांसदों को नया मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी
सीईसी ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए विपक्ष एक मसौदा तैयार कर र हा है. इस मसौदे को तैयार करने की जिम्मेदारी पांच सांसदों को दी गयी है. खबर है, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के 5 सांसद नोटिस का नया मसौदा तैयार कर रहे हैं. प्रयास यह भी रहा है कि कम से कम 200 सांसदों का समर्थन इस नोटिस को मिले. मसौदा तैयार हो जाने के बाद सीईसी को पद से हटाने का नोटिस किस सदन में पेश किया जायेगा, यह भी साफ नहीं हुआ है. पिछली बार नोटिस लोकसभा में पेश किया गया था, जिसे स्पीकर ओम बिरला ने खारिज कर दिया था. इससे पहले विपक्ष ने ज्ञानेश को हटाने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिया था. जिसे राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खारिज कर दिया था. पिछले नोटिस में लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर थे.
किस आरोप में सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना चाहता है विपक्ष
कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का आरोप है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार केन्द्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. देश में पिछले कुछ समय से जो मतदाता विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) जारी है, उसमें जानबूझ कर 'योग्य' मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. सीईसी ऐसा करके सीधे-सीधे केन्द्र की भाजपा सरकार को फायदा पहुंचा रहे हैं. इतना ही नहीं पिछले विधानसभा चुनावों में भी चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में धांधली करने का आरोप भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगा चुके हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने बजाप्ता प्रेस काॉन्फ्रेंस कर कथित तौर पर कुछ आंकड़े भी प्रस्तुत किये और साबित करने का प्रयास किया कि चुनावों में धांधली की गयी. इसका आरोप चुनाव आयोग पर लगाया.
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