न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - पटना की भव्य गंगा आरती, बोधगया की आध्यात्मिक विरासत और नालंदा की ऐतिहासिक पहचान अब दुनिया भर में चर्चा का विषय बनने वाली है। विदेश मंत्रालय की ओर से शुरू की गई एक विशेष पहल के तहत विदेशी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स बिहार की संस्कृति, पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करेंगे। इस पहल का उद्देश्य बिहार की सकारात्मक छवि को वैश्विक मंच तक पहुंचाना और राज्य में पर्यटन को नई पहचान दिलाना है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बिहार की खूबसूरती और सांस्कृतिक विविधता को अधिक प्रभावी तरीके से दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है। खासकर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कदम राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
हाईलाइट्स -
- 14 देशों के विदेशी इन्फ्लुएंसर्स बिहार पहुंचे
- सोशल मीडिया के जरिए होगी बिहार पर्यटन की ब्रांडिंग
- पटना, बोधगया, नालंदा और कैमूर का किया दौरा
- वीडियो, रील्स और पॉडकास्ट से दुनिया तक पहुंचेगी बिहार की पहचान
- पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिल सकता है बड़ा फायदा
14 देशों के इन्फ्लुएंसर्स कर रहे बिहार की ब्रांडिंग
जानकारी के मुताबिक 14 देशों से आए इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स बिहार पहुंच चुके हैं। इन लोगों ने राज्य के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया और वहां की संस्कृति, खानपान, धार्मिक महत्व और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जाना। उन्होंने अपने अनुभवों को वीडियो, फोटो, ब्लॉग, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रिकॉर्ड किया है। विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स ने पटना की गंगा आरती, बोधगया के धार्मिक स्थलों, नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष और कैमूर की प्राकृतिक सुंदरता को अपने कैमरे में कैद किया। बताया जा रहा है कि ये सभी कंटेंट विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाएंगे, जिससे दुनिया के अलग-अलग देशों में बिहार की नई पहचान बनेगी। इससे विदेशी पर्यटकों के बीच बिहार को लेकर उत्सुकता भी बढ़ने की संभावना है।
सोशल मीडिया से बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में लोग किसी भी पर्यटन स्थल के बारे में जानकारी लेने के लिए सोशल मीडिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। एक वैश्विक सर्वे के अनुसार लगभग 35 प्रतिशत लोग यात्रा की योजना सोशल media रिव्यू और वीडियो देखकर बनाते हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा सोशल मीडिया रील्स और ट्रैवल कंटेंट से प्रभावित होकर अपनी डेस्टिनेशन तय करते हैं। इसी वजह से सरकार पर्यटन प्रचार में इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका को अहम मान रही है। बिहार में हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक आते हैं, लेकिन अब डिजिटल प्रचार के जरिए इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इससे न केवल पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी बल्कि होटल, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
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