न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (अस्मित,पटना) बिहार के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण और राहत भरा आदेश जारी किया है। सत्र 2025-26 के दौरान जो शिक्षक किसी भी कारण से अपना अनिवार्य प्रशिक्षण (Training) पूरा नहीं कर पाए थे, उन्हें विभाग ने एक और नया मौका दिया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), बिहार ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।
1 जून 2026 से शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, इन शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 1 जून 2026 से शुरू होने जा रहा है। इस ट्रेनिंग में उन शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी जो पिछले सत्र में पूरी तरह वंचित रह गए थे। विभाग ने साफ किया है कि इस बार लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी और सभी चिन्हित शिक्षकों को इसमें शामिल होना ही होगा।
इन कारणों से छूटी थी ट्रेनिंग, तो अब मिलेगी राहत:
विभाग ने उन परिस्थितियों को स्पष्ट किया है, जिनकी वजह से शिक्षकों की ट्रेनिंग छूट गई थी। यदि आपकी ट्रेनिंग नीचे दिए गए कारणों से छूटी थी, तो आपको इसमें शामिल किया जाएगा:
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चुनाव ड्यूटी (Election Duty): चुनाव कार्यों में व्यस्तता के कारण छूटे शिक्षक।
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स्वास्थ्य कारण (Medical Grounds): गंभीर बीमारी या मेडिकल लीव पर होने के कारण वंचित शिक्षक।
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SIR कार्य (सरकारी प्रोजेक्ट्स): विभाग के किसी अन्य महत्वपूर्ण या विशेष कार्य में प्रतिनियुक्ति के कारण।
आवंटित संस्थानों में उपस्थिति अनिवार्य, DEO और SSA को मिले कड़े निर्देश
SCERT की ओर से सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और समग्र शिक्षा अभियान (SSA) के अधिकारियों को कड़े निर्देश भेज दिए गए हैं। आदेश के मुताबिक, सभी शिक्षकों को उनके लिए तय किए गए आवंटित प्रशिक्षण संस्थान में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
जिलों को सौंपी गई जिम्मेदारी, प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर
शिक्षा विभाग ने इस बार प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहद कड़ा और प्रभावी बनाने पर जोर दिया है। शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण केंद्र भेजने और उनका कोर्स पूरा कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों को सौंपी गई है। विभाग का मानना है कि इस कदम से राज्य की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आएगा।