न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: गया शहर के गेवालबिगहा मोड़ के पास मंगलवार देर रात पुलिस की गश्ती टीम पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। रामपुर थाने की पुलिस टीम पर यह हमला उस समय हुआ जब वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में गश्त कर रहे थे। इस घटना में एएसआई (जमादार) विक्रम पासवान बुरी तरह घायल हो गए हैं, जिनका इलाज मगध मेडिकल अस्पताल के आईसीयू में चल रहा है।
रात दो बजे खुली दुकान बनी विवाद की जड़
पीड़ित एएसआई विक्रम पासवान ने बताया कि मंगलवार की रात वे अपनी टीम के साथ गश्त पर निकले थे। रात के करीब 2 बजे जब वे गेवालबिगहा मोड़ के पास पहुंचे, तो वहां एक दुकान खुली देखी, जिसके बाहर 10-15 लोगों की भीड़ शोर-शराबा कर रही थी। जब एएसआई ने दुकानदार को इतनी देर रात दुकान खोलने का कारण पूछा और बंद करने को कहा, तो वहां मौजूद कुछ लोग उनसे उलझ गए। आरोप है कि शराब के नशे में धुत एक व्यक्ति ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी।
पुलिस टीम को घेरकर की मारपीट
जैसे ही पुलिस ने हंगामा कर रहे एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर जीप में बैठाना चाहा, वैसे ही भीड़ उग्र हो गई। करीब 10-12 की संख्या में आए हमलावरों ने पुलिस जीप को घेर लिया। उन्होंने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि एएसआई विक्रम पासवान पर बेरहमी से हमला कर दिया। हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनका दायां हाथ टूट गया और पीठ में गंभीर चोटें आईं। मौका पाकर हमलावर हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ा ले गए।
वार्ड पार्षद पर मुख्य आरोपी होने का आरोप
रामपुर थानाध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले का मुख्य आरोपी सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नादरागंज निवासी और वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी है। घायल जमादार के बयान के आधार पर वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी समेत पांच लोगों को नामजद और 10-12 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बुधवार सुबह तक दो हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस की अन्य टीमें फरार चल रहे वार्ड पार्षद और अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। एएसआई विक्रम पासवान के साथ तैनात अन्य जवानों और ड्राइवर ने भी पूरी घटना की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी है। मगध मेडिकल में भर्ती एएसआई की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
इस घटना ने गया पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं पुलिस विभाग ने अपराधियों को चेतावनी दी है कि खाकी पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।