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धर्म/डेस्क: आज, 3 अक्टूबर को माताएं अपनी संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए जितिया व्रत कर रही है. इस व्रत में माताएं निर्जला उपवास रखती है और अगले दिन पारण करने के बाद ही जल या अन्न का सेवन करती है. जितिया व्रत करने वाली महिलाएं भगवान जीमूतवाहन की पूजा कर अपने संतान की दुर्घयु की कामना करती है. हालांकि विभिन्न क्षेत्रों के अनुसार जितिया व्रत के नियम अलग-अलग होते हैं. इसमें जितिया व्रत की कथा सुनने की भी परंपरा होती है.
जितिया पूजा का पारण कब होगा?
जितिया पूजा के पारण के शुभ मुहूर्त की बात करें तो व्रत का पारण कल 4 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 28 मिनट के बाद किया जाएगा. आज निर्जला व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह 07:28 बजे के बाद जल और अन्न ग्रहण कर सकती हैं.
हालांकि महिलाएं पारण के समय जल्दबाजी में जल या अन्न ग्रहण न करें. लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहने के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में आने के लिए समय चाहिए. इसलिए पारण के बाद पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लेना और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना सहज रहता है.
भले ही यह व्रत निर्जला होता है लेकिन, अगर किसी महिला को व्रत के दौरान अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, बेहोशी या तबीयत अचानक बिगड़ने जैसा महसूस हो, तो केवल धार्मिक नियम के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बीमारी से जूझ रहे लोगों, गर्भवती महिलाओं या नियमित दवा लेने वालों को निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.