न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 33% नहीं बल्कि 50% महिला आरक्षण की पक्षधर है। साथ ही साथ तेजस्वी यादव ने कहा कि यह मांग नई नहीं है, बल्कि लालू प्रसाद यादव सहित सभी समाजवादी नेताओं की पुरानी मांग रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण के भीतर SC, ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए, तभी यह व्यवस्था न्यायपूर्ण मानी जाएगी।
हाइलाइट्स:
- 33% नहीं, 50% महिला आरक्षण की मांग
- SC/ST और OBC महिलाओं के लिए अलग कोटा जरूरी
- 2034 तक लागू करने की समयसीमा पर सवाल
- परिसीमन और संविधान बदलाव को लेकर BJP पर आरोप
केंद्र सरकार पर निशाना
तेजस्वी ने 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार ने इसे जातिगत जनगणना और परिसीमन के बाद 2034 तक लागू करने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन साल बीतने के बावजूद इस विधेयक को अधिसूचित तक नहीं किया गया।
परिसीमन और संविधान को लेकर चिंता
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में भाजपा परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम संविधान में बदलाव, लोकतंत्र को कमजोर करने और संघीय ढांचे पर असर डालने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों के जरिए भाजपा समय-समय पर जनता की भावनाओं का परीक्षण करती रहती है और राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश करती है।
इसे भी पढ़ें - रोहिणी आचार्य ने खोल दी सिस्टम की पोल, कहा पहले महिलाओं कोे सुरक्षा और सम्मान दो..