सियासत में बढ़ी हलचल, पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सिक्योरिटी ली वापस 

By : News11 Bharat
सियासत में बढ़ी हलचल, पंजाब सरकार ने हरभजन सिंह की सिक्योरिटी ली वापस 

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
पंजाब की राजनीति में उस समय बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया जब भगवंत मान सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली. इस फैसले के बाद उनके आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया गया, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार, हरभजन सिंह के घर के बाहर तैनात करीब 9 से 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा लिया गया हैं. इसके साथ ही उन्हें दी गई सरकारी पायलट गाड़ी भी वापस ले ली गई हैं. इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल गई हैं. 

PA ने दी जानकारी, अचानक हुई कार्रवाई से उठे सवाल
हरभजन सिंह के निजी सहायक (PA) मनदीप सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से बिना किसी पूर्व सूचना के सुरक्षा व्यवस्था वापस ले ली गई. इस कदम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर उस समय जब हरभजन सिंह के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं. पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा जोरों पर है कि हरभजन सिंह आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. इन अटकलों को उस बयान ने और हवा दी है, जिसमें दावा किया गया था कि AAP के कई राज्यसभा सांसद पार्टी से दूरी बना रहे हैं. 

हालांकि हरभजन सिंह ने इन खबरों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में इसे सरकार की नाराजगी के संकेत के रूप में देखा जा रहा हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच शनिवार को हरभजन सिंह के आवास के बाहर काले रंग से ‘पंजाब का गद्दार’ लिखे जाने की घटना भी सामने आई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कुछ लोग दीवार पर यह शब्द लिखते नजर आ रहे हैं. मौके पर पुलिस की मौजूदगी भी देखी गई, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने में सवाल उठे हैं.

AAP का विरोध और भगवंत मान का बयान
इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया और काली पट्टी बांधकर नाराजगी जताई. वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें ‘गद्दार’ करार दिया. चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ रहे है, उन्होंने जनता के विश्वास के साथ धोखा किया हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी किसी एक व्यक्ति से बड़ी है और कुछ नेताओं के जाने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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