न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - पटना जिले के सरकारी स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला शिक्षा कार्यालय के आदेश के बाद प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) पटना सदर ने सभी विद्यालयों को जरूरी दस्तावेज तय समय के भीतर जमा करने को कहा है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जो स्कूल निर्धारित अवधि तक कागजात उपलब्ध नहीं कराएंगे, उनके प्रधानाध्यापक और प्रभारी के मई 2026 के वेतन पर रोक लगाने की अनुशंसा की जाएगी। इस आदेश के बाद स्कूल प्रशासन में हलचल बढ़ गई है और कई विद्यालय तेजी से दस्तावेज तैयार करने में जुट गए हैं।
हाईलाइट्स -
- समय पर दस्तावेज जमा नहीं करने वाले HM पर कार्रवाई की तैयारी
- सीएफएमएस 2.0 रिपोर्ट नहीं देने पर शिक्षा विभाग सख्त
- 42 संकुलों में केवल 4 ने अब तक जमा किया फार्मेट
- 27 जुलाई की समीक्षा बैठक में होगा अंतिम फैसला
सीएफएमएस 2.0 रिपोर्ट नहीं देने पर विभाग नाराज
शिक्षा विभाग की ओर से खास तौर पर सीएफएमएस 2.0 फार्मेट जमा करने को लेकर गंभीरता दिखाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार निर्देश जारी होने के बावजूद अधिकांश स्कूलों ने अब तक रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसे विभाग ने बड़ी लापरवाही माना है। जानकारी के अनुसार, बीआरसी पटना सदर के अंतर्गत कुल 42 संकुल आते हैं, लेकिन अब तक केवल चार संकुलों ने ही जरूरी फार्मेट जमा कराया है। बाकी विद्यालयों से रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक आंकड़ों के अद्यतन, वित्तीय रिपोर्ट और प्रशासनिक प्रक्रिया में लगातार परेशानी आ रही है, जिससे कई योजनाओं के संचालन पर भी असर पड़ रहा है।
27 जुलाई की बैठक में होगी समीक्षा
जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी विद्यालय प्रभारियों और प्रधानाध्यापकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि समय रहते सभी जरूरी दस्तावेज जमा कराना अनिवार्य है। यदि किसी स्कूल की ओर से देरी की जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि वेतन रोकने की अनुशंसा सीधे जिला स्तर से भेजी जाएगी। इस पूरे मामले की समीक्षा 27 जुलाई को होने वाली बैठक में की जाएगी, जहां प्रत्येक स्कूल की स्थिति की जांच होगी। जिन संस्थानों ने अब तक कागजात जमा नहीं किए होंगे, उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग ने सभी स्कूलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराकर प्रशासनिक कार्रवाई से बचा जा सकता है।
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