न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना सियासी हलचल : राजधानी पटना में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय के बाहर लगे एक पोस्टर ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। पोस्टर में मुख्यमंत्री नीतीश के बेटे निशांत कुमार को ‘भविष्य का मुख्यमंत्री’ बताया गया है। दोनों की तस्वीरों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी के कुछ समर्थक उन्हें अगली पीढ़ी के नेता के रूप में देख रहे हैं।
नीतीश नहीं तो..... निशांत’ !
पोस्टर में लिखा गया है— “जब क्लाइमेट लीडर के संकल्पों को पूरा करने के लिए तैयार हैं निशांत कुमार, तब नए चेहरे पर क्यों करें विचार।” साथ ही “नीतीश सेवक, मांगे निशांत” जैसे नारे भी दिए गए हैं। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कार्यकर्ता नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में निशांत कुमार को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
राज्यसभा चर्चा के बीच बढ़ी अटकलें
दरअसल, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में यह पोस्टर और भी अहम हो गया है। हालांकि पोस्टर में उनसे बिहार न छोड़ने की अपील भी की गई है, लेकिन साथ ही उनके उत्तराधिकारी के तौर पर निशांत कुमार का नाम उछाला जा रहा है।गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। 8 मार्च को उन्होंने पटना में जेडीयू की सदस्यता ली थी। उस दौरान भी कई कार्यकर्ताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का संभावित चेहरा बताया था। नालंदा दौरे के दौरान भी स्थानीय लोगों ने उन्हें आगे बढ़ाने की मांग की थी।
वहीं मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने भी निशांत कुमार को ‘सीएम मटेरियल’ बताया है और उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है। फिलहाल, इस पोस्टर के सामने आने के बाद जेडीयू के अंदर नेतृत्व को लेकर बहस तेज हो गई है। हालांकि पार्टी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ‘नीतीश नहीं तो निशांत’ का नारा बिहार की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर रहा है।
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