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रांची/डेस्क: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों पर नीट मामले में घड़ियाली आंसू बहाने और देश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि आज देश में वंशवाद, जातिवाद, एनजीओ और टूकड़े-टूकड़े गैंग के नाम पर राजनीति करने वाले कांग्रेस, सपा, झामुमो, राजद, आप, वामदल जैसी पार्टियां नीट के मामले में आंदोलन का ढोंग कर रहे हैं और छाती पीट रहे हैं लेकिन झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं सहित अन्य गड़बड़ियों पर उनकी जुबां पूरी तरह चुप है. झारखंड के छात्र, युवा शक्ति, जनता इन सभी दलों से जानना चाहती है कि झारखंड के मामले में कौन जवाब देगा ? झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में अभी जो भ्रष्टाचार के मामले सामने आये हैं, उस पर राहूल गांधी और उनकी कांग्रेस पार्टी क्यों चुप है ? वे झारखंड में इन गड़बड़ियों के जिम्मेवारों से इस्तीफा क्यों नहीं मांग रहे हैं. श्री दास पार्टी के प्रदेश कार्यालय रांची में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए उक्त बातें कही.
रघुवर दास ने कहा कि विपक्षी दलों को पहले अपने गिरेबान में झांकनी चाहिए. विपक्षी दलों को झारखंड सरकार द्वारा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ और उनके साथ किए जा रहे अन्याय को एक बार देख लेना चाहिए. क्षेत्रीय पार्टियों की पालकी ढोने वाली कांग्रेस और वाम दलों में अगर जरा सी भी नैतिकता और गंभीरता बची है, छात्रों की थोड़ी भी चिंता है तो वे सरकार से समर्थन वापस लेने का हिम्मत दिखाएं. तभी माना जाएगा कि छात्रों के प्रति उनकी चिंता सियासी नौटंकी नहीं बल्कि वास्तविक है.
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झारखंड के युवाओं का दर्द क्यों नहीं दिखता है ? यहां प्रतियोगी परीक्षा में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं. झारखंड के युवाओं से राहुल गांधी माफी मांगे. वे भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर आयें और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौड़ में मारे गये 19 छात्रों को श्रद्धांजली अर्पित करें और उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाएं. ऐसा नहीं करते हैं, तो क्यों न माना जाये कि उन्हें छात्रों की चिंता नहीं केवल राजनीति की चिंता है.
उन्होंने कहा कि 14वींJPSC पीटी परीक्षा के लिए पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में ब्लैक लिस्टेड प्राइवेट एजेंसी (टीडीपीएल) को जेपीएससी द्वारा वन टाइम रजिस्ट्रेशन से लेकर अंतिम रिजल्ट प्रोसेसिंग तक के 8 कार्य की जिम्मेदारी दी गयी. इस एजेंसी को झारखंड में 2025 में JSSC द्वारा भी ब्लैक लिस्टेड किया गया था. इसके बावजूद इसे JPSC में कैसे काम मिला, इस मेहरबानी की गहन जांच सीबीआई से होनी चाहिए.
रघुवर दास ने कहा कि छात्र हित को देखते हुए जिस प्रकार केंद्र सरकार ने नीट यूजी पेपर लीक मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीबीआई जांच के आदेश दिये. 13 आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी हुई. उसी तरह झारखंड सरकार को चाहे वह 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा का मामला हो या पूर्व की जितनी भी गड़बड़ियां हों, सारे मामलों की सीबीआई जांच की अनुशंसा अविलंब करनी चाहिए.
रघुवर दास ने कहा कि झारखंड ने एक साथ नौ प्रतियोगिता परीक्षा को स्थगित करने का रिकार्ड बनाया है. पेपर लीक और गड़बड़ियों में झारखंड का देश में पहला स्थान है. झारखंड के युवाओं के साथ यह क्रूर मजाक है. झारखंड सरकार की कार्यशैली भी अजीब है. क्षेत्रीय कार्यकर्ता प्रतियोगिता परीक्षा होनी थी, कई छात्रों को परीक्षा खत्म होने के बाद प्रवेश पत्र डाउनलोड करने का लिंक मिला. संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में 100 में से 40 से अधिक प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से पूछे गये थे. झारखंड में जेएसएससी और जेपीएससी की परीक्षाओं के पेपर लीक, परीक्षा में धांधली समेत अनेक अनियमितताओं के कई प्रमाण मीडिया ने सार्वजनिक किए. छात्रों और भाजपा ने आंदोलन भी किया, पर राज्य सरकार कार्रवाई करने की जगह दोषियों को बचाने में लगी है. पहले भी राज्य सरकार द्वारा बिना तैयारी के आनन-फानन में आयोजित की गई उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के दौड़ में 19 आदिवासी-मूलवासी झारखंडी युवाओं की असमय मौत हुई और सैकड़ों युवा गंभीर रूप से घायल हए.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल ही कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानूनों की घोषणा की है. इसमें 10 साल की कड़ी सजा और 10 करोड़ रुपये की पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द से जल्द सुनवाई पूरी कर आरोपियों को सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. केंद्र सरकार ने जून, 2026 में नीट यूजी के दोबारा परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट को पारदर्शी ढंग से प्रकाशित किया और छात्र अपने सफलता से खुश हैं. केंद्र सरकार गड़बड़ियों पर कार्रवाई कर रही है और व्यवस्था को दुरुस्त कर रही है. तो वहीं, झारखंड सरकार पर्दा डालकर दोषियों को ही बचाने में लगी है.
रघुवर दास ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विषय का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है. केंद्र सरकार देश की सर्वोच्च पंचायत संसद में सार्थक और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है. यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों के प्रति गंभीर है, तो उसे चर्चा और समाधान का मार्ग अपनाना चाहिए, न कि चर्चा से भागना चाहिए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक कमोबेश हर राज्य की समस्या है, कांग्रेस के शासनकाल में भी कई प्रदेशों में पेपर लीक होता रहा है. छात्रों के हित में सभी दलों को चाहे सत्ता पक्ष हों या विपक्ष, पेपर लीक पर सभी को सार्थक बहस में हिस्सा लेकर इस समस्या का समाधान करने की जरूरत है ताकि भविष्य में किसी राज्य में इसकी समस्या नहीं रहे. रघुवर दास ने झारखंड सरकार उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा दौड़ में मारे गये छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है.
वहीं रघुवर दास ने सभी छात्र-छात्राओं से आग्रह किया कि वे किसी भी राजनीतिक उकसावे में नहीं आएं. उन्हें अपने उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा और करियर को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. अपनी बातों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रखनी चाहिए. देश का भविष्य आपके हाथों में है. आपके ज्ञान, परिश्रम और सकारात्मक सोच से ही देश सुरक्षित, सशक्त और विकसित बनेगा. इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह भी उपस्थित रहे.
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