न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में बिना प्रस्वीकृति (मान्यता) के संचालित निजी विद्यालयों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने कहा है कि बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 और बिहार राज्य नियमावली, 2011 के तहत बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के किसी भी निजी विद्यालय का संचालन गैरकानूनी माना जाएगा। विभाग ने ऐसे विद्यालयों को अंतिम अवसर देते हुए जल्द से जल्द मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बिना मान्यता चल रहे स्कूलों में छात्रों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसलिए अब इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हाईलाइट्स -
- शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता संचालित निजी स्कूलों पर सख्त रुख अपनाया
- 10 जून तक ऑनलाइन मान्यता आवेदन करना अनिवार्य
- नियम उल्लंघन पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा
- तय समय के बाद स्कूल चलाने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये अर्थदंड
- जिले में 816 निजी विद्यालयों को मिली है प्रस्वीकृत
10 जून तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य
शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, बिना मान्यता संचालित सभी निजी विद्यालयों को आगामी 10 जून तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए विभाग ने edu-online.bihar.gov.in पोर्टल पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है। विद्यालय संचालकों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन जमा करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर होगा और इसके बाद किसी प्रकार की ढिलाई नहीं दी जाएगी। जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल 816 निजी विद्यालयों को प्रस्वीकृति प्राप्त है, जबकि कुछ विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया अभी जारी है। इनके अलावा जो भी विद्यालय संचालित हो रहे हैं, उन्हें गैरकानूनी माना जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि छात्रों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
नियम उल्लंघन पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम की धारा 18 और 19 के तहत बिना मान्यता विद्यालय चलाने पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, निर्धारित समय सीमा के बाद भी स्कूल का संचालन जारी रखने पर प्रतिदिन 10 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे विद्यालयों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीईओ ने कहा कि यदि कोई विद्यालय 10 जून तक आवेदन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग की इस सख्ती के बाद निजी विद्यालय संचालकों में हलचल बढ़ गई है और कई स्कूलों ने मान्यता के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है।
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