न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व सांसद आंनद मोहन ने JDU नेतृत्व के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। सम्राट सरकार के मंत्रियों के शपथ ग्रहण के महज 10 दिन बाद आनंद मोहन ने पार्टी की शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जदयू की चांडाल चौकड़ी ने पार्टी का सफाया कर दिया है। इन्होंने नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में टिकट और मंत्री पद तक करोड़ों में बेचे जा रहे हैं। आनंद मोहन ने तंज कसते हुए कहा, स्वास्थ्य मंत्रालय इसलिए दिया गया है क्योंकि बाप-बेटे दोनों को डॉक्टर की जरूरत है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद पर सवाल उठाने वाले लोग अब खुद अपने परिजनों को टिकट दिलवा रहे हैं।
मंत्री पद नहीं, श्वेता गुप्ता की एंट्री बनी नाराजगी की वजह
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हैं, लेकिन मामला इससे कहीं बड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों और आनंद मोहन के करीबियों के मुताबिक, उनकी नाराजगी की सबसे बड़ी वजह शिवहर की विधायक श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाया जाना है। इसी फैसले के बाद उनका तेवर JDU के खिलाफ और ज्यादा आक्रामक हो गया। आनंद मोहन ने कहा कि “आनंद मोहन का कुछ नहीं जाता है, लेकिन सच बताने के लिए मैं सामने आया हूं।” उनके बयान के बाद बिहार की राजनीति में सियासी तापमान बढ़ गया है।
JDU का पलटवार- ‘नीतीश कुमार की वजह से जेल से बाहर आए’
आनंद मोहन के बयान पर JDU नेताओं ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने कहा कि आनंद मोहन का JDU से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनकी पत्नी और बेटे का पार्टी से जुड़ाव जरूर है, लेकिन आज वे जिस स्थिति में हैं, उसमें सबसे बड़ी भूमिका नीतीश कुमार की रही है। JDU नेताओं ने कहा, “नीतीश कुमार की वजह से ही आनंद मोहन जेल से बाहर आए। अब वही JDU के खिलाफ उल्टा-सीधा बयान दे रहे हैं।” पार्टी नेताओं ने उनके आरोपों को निराधार और राजनीतिक हताशा बताया।
RJD ने लिया आनंद मोहन का पक्ष
इस पूरे विवाद में RJD विधायक भाई विरेंद्र ने आनंद मोहन का समर्थन किया है। भाई वीरेंद्र ने कहा, “मैंने कई साल पहले ही कहा था कि आने वाले दिनों में JDU नाम की कोई पार्टी नहीं बचेगी। अब वह स्थिति दिखाई देने लगी है।” उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों पर नीतीश कुमार भरोसा करते हैं, वही लोग उनकी राजनीतिक नाव डुबो देंगे। भाई वीरेंद्र ने भी स्वास्थ्य मंत्रालय को लेकर तंज कसते हुए कहा, “आनंद मोहन ठीक ही कह रहे हैं, बाप-बेटे दोनों को इलाज की जरूरत है।”
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
आनंद मोहन के लगातार आक्रामक तेवर और JDU पर सीधे हमलों ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष जहां इसे JDU के भीतर बढ़ती नाराजगी का संकेत बता रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और राजनीतिक दबाव की रणनीति करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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