विश्व पृथ्वी दिवस: हरियाली फैलाकर पृथ्वी बचाने के संकल्प का दिन

विश्व पृथ्वी दिवस: हरियाली फैलाकर पृथ्वी बचाने के संकल्प का दिन

विश्व पृथ्वी दिवस हरियाली फैलाकर पृथ्वी बचाने के संकल्प का दिन

आशीष शास्त्री/न्यूज़11 भारत
सिमडेगा/डेस्क:
आज पूरा विश्व पर पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है. हर तरफ पृथ्वी के संरक्षण पर बात की जाएगी. सिमडेगा जिले के भौगोलिक दृष्टि पर नजर डालने से हर ओर जंगल, पहाड़, नदी और झरने नजर आते है. प्राकृतिक दृष्टि से हमारा जिला काफी समृद्ध है. विभागीय आंकड़ो के अनुसार पहले की तुलना में जिले में 33 प्रतिशत भागों में हरियाली बची है जबकि हकीकत कुछ और ही बयां करती है. 

यही कारण है कि जिले से गुजरने वाली हलवाई नदी सहित अन्‍य कई झरनों व तलाबों का अस्तित्‍व खतरे है. इन नदियों, झरनों एवं तलाबों में बरसात खत्‍म होते ही पानी भी खत्‍म हो जाता है. बता दें कि, जिले के जंगल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी संभाले हुए है. जिले के जंगलो में प्रचुर मात्रा में महुंआ, इमली, चिरौंजी, केंदु पत्ता, सखुआ पत्ता, कुसूम, जामून, आम, कटहल, लाह आदि की फसल होती है. जिसे बेचकर ग्रामीण अपनी आजीविका चलाते है. हांलकि कई ग्रामीण जागरुकता के अभाव और थोड़ी लालच के कारण महुआ आदि चुनने के लिए जंगलो में आग लगाते है, जिससे जंगलों को नुकसान पहुंच रहा है. आंकडो के अनुसार वर्ष 2021-25 के बीच जिले में वन क्षेत्र में थोड़ी वृद्धि भी हुई है.

पिछले 50 सालो में बदला है सिमडेगा के मौसम का हाल
सिमडेगा जिले में पिछले 50 सालो में मौसम का हाल बदला है. बुजूर्गो ने बताया कि पिछले 50 सालो में जंगलो की कटाई और लोगों की लापरवाही के कारण पर्यावरण संतुलन गड़बड़ाया है. जिले के बानो और जलडेगा इलाके में बड़ी मात्रा में अवैध लकड़ी की तस्करी से भी जंगल में पेड़ घटे है. पेड़ो के घटने से जिले का वातावरण भी बदला है. वर्तमान समय में जिले में गर्मी में तापमान 41 के पार पहुंच रहा है. हरियाली की कमी और जंगल की कटाई से बढ़ा जंगली जानवरों का खतरा ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान समय में लोग खेती से विमुख हो रहे है. जिससे पूर्व के वर्षो की तुलना में अब हरियाली कम नजर आती है. जंगल की कटाई और हरियाली की कमी का असर जंगल से सटे गांव में देखने को मिल रहा है. हाल के वर्षो में जिले में जंगली हाथियो का उत्पात बढ़ा है. पिछले पांच वर्षो में दर्जनो लोगो की जान हाथियों के कारण जा चुकी है और हजारो लोग इससे प्रभावित हुए है.

इस वर्ष हम 56वां पृथ्वी दिवस मना रहे है. इस बार विश्व पृथ्वी दिवस का थीम हमारी शक्ति, हमारा ग्रह है. जो जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान के खिलाफ वैश्विक कार्रवाई और जागरूकता पर केंद्रित है. पृथ्वी को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाएं और अपने आसपास के नदी तालाबों को स्वच्छ बनाएं. जिससे पृथ्वी हरी भरी रहे और हमारे आने वाली पीढ़ियों को भी शुद्ध हवा और पानी इसी पृथ्वी पर मिल सके.

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