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रांची/डेस्क: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के प्रखंड, जिला व राज्य मुख्यालय में कार्यरत महिला कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान एवं जेंडर आधारित मुद्दों के प्रभावी समाधान की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं.
कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (पॉश एक्ट) के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड मुख्यालय में गठित आंतरिक शिकायत समिति (पॉश-आईसीसी) का पुनर्गठन किया गया है. अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने नामकुम स्थित आरसीएच कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि इस नई समिति में डॉ० पुष्पा को नोडल ऑफिसर बनाया गया है. साथ ही, पॉश अधिनियम के तहत दर्ज एवं निष्पादित शिकायतों के ऑनलाइन संकलन व निष्पादन हेतु विकसित शी-बॉक्स पोर्टल की ज़िम्मेदारी भी डॉ० पुष्पा को नोडल अधिकारी के रूप में सौंपी गई है.
पुनर्गठित समिति में राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ० कमलेश कुमार, राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती अनिमा किस्कु, राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकय मिंज, राज्य समन्वयक (एएच एवं पीसीपीएनडीटी) रफत फरजाना के अलावा यूनिसेफ एवं आईसीआरडब्ल्यू से नामित प्रतिनिधियों को बतौर सदस्य शामिल किया गया है. यह समिति राज्य पीसीपीएनडीटी कोषांग के समन्वय से कार्य करेगी.
इसी कड़ी में, एनएचएम झारखण्ड द्वारा दिनांक 11 सितम्बर 2026 को आईपीएच कॉन्फ्रेंस हॉल में जेंडर बेस्ड वायलेंस (जीबीवी) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यशाला में एनएचएम के सभी राज्य कार्यक्रम पदाधिकारियों, राज्य कोषांग प्रभारियों, राज्य परामर्शियों/समन्वयकों एवं राज्य कार्यकारी सहायकों को अनिवार्य रूप से ससमय भाग लेने का निर्देश दिया गया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत जेंडर संवेदनशीलता को बढ़ावा देना तथा सुरक्षित व गरिमामय माहौल सुनिश्चित करना है.
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