प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत.
भरनो/डेस्क: भरनो प्रखंड क्षेत्र में लगातार बढ़ती गर्मी और तेज धूप के कारण जल स्रोतों का स्तर तेजी से गिरता जा रहा है,जिससे ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहराने लगा है.इस बीच प्रखंड के अमलिया गांव में जलमीनारों के खराब पड़े रहने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है.यहां लगभग 400 से 500 की आबादी पेयजल के लिए जूझ रही है. ग्रामीणों के अनुसार, अमलिया पंचायत में लगे कई जलमीनार पिछले करीब आठ महीनों से खराब पड़े हैं.स्थिति यह है कि पंचायत क्षेत्र में स्थापित लगभग 70 प्रतिशत जलमीनार काम नहीं कर रहे हैं,जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है.भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में जल संकट ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार पीएचईडी विभाग के कर्मियों और संबंधित ठेकेदार को जानकारी दी गई,लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई. यहां तक कि पंचायत के मुखिया द्वारा भी विभाग को सूचित किया गया,इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है.ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बीते माह हुई ओलावृष्टि के कारण कई जलमीनारों के सोलर प्लेट भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं.पंचायत में लगाए गए सोलर सिस्टम में से करीब 50 प्रतिशत खराब हो चुके हैं,जिससे जलापूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है.
जलमीनारों के खराब रहने के कारण लोगों को दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है,जिससे उनकी दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है.खासकर महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.इधर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब जलमीनारों की मरम्मत कर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए,ताकि इस भीषण गर्मी में उन्हें राहत मिल सके.इधर इस संबंध में पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता रितेश कुमार से दूरभाष पर इस समस्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उन्हें समस्या की जानकारी मिल चुकी है.उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है और बहुत जल्द खराब जलमीनारों को ठीक कर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाएगी.
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