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सिमडेगा/डेस्क: बांसजोर थाना क्षेत्र के आदर कोम्बाकेरा बराईबेड़ा गांव में आज बुधवार सुबह जंगली हाथी के हमले ने एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष की भयावह तस्वीर सामने ला दी. जंगल में गए गाँव के हरिहर गंझू का सामना झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी से हो गया. हाथी ने उसे सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया. हमले में हरिहर के कमर और पैर में गंभीर चोटें आईं. घायल हालत में वह करीब तीन घंटे तक जंगल में पड़ा दर्द से कराहता रहा.
हरिहर के लिए जंगल का वह वक्त बेहद मुश्किल भरा रहा. गंभीर रूप से घायल होने के कारण वह खुद बाहर निकलने की स्थिति में नहीं था. घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण किसी तरह जंगल में पहुंचे. घायल हरिहर की हालत देखकर ग्रामीणों ने उसे खटिया पर लिटाया और काफी मशक्कत के बाद जंगल से बाहर लेकर आए.
जंगल से बाहर लाने के बाद परिजन और ग्रामीण इलाज के लिए मदद की गुहार लगाने लगे. मामले की जानकारी मिलने पर कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने पहल की और घायल को सदर अस्पताल सिमडेगा पहुंचाने की व्यवस्था कराई. अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया. घायल की स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा हाथियों का खौफ
घटना के बाद इलाके में एक बार फिर मानव-हाथी संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार आबादी वाले इलाकों के आसपास पहुंच रहा है. कई बार हाथियों की मौजूदगी की समय पर जानकारी नहीं मिल पाती. ऐसे में ग्रामीणों का जंगल या खेत की ओर जाना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है.
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. हाथियों की गतिविधियों की जानकारी ग्रामीणों तक समय पर नहीं पहुंचने के कारण ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने हाथियों की आवाजाही वाले इलाकों में नियमित निगरानी, समय पर सूचना और सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम की मांग की है.
वन विभाग ने दिए ₹5000 की तत्काल सहायता
इधर विधायक के प्रयास से घायल हरिहर गंझू को सदर अस्पताल लाया गया है. जहां उसका इलाज किया जा रहा है. वन विभाग की टीम सदर अस्पताल पहुंचकर घायल हरिहर को ₹5000 की सहायता राशि प्रदान की.
कोलेबिरा विधायक ने वन विभाग पर साधा निशाना
घटना पर कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने चिंता जताते हुए वन विभाग की कार्यशैली पर तीखी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि सिमडेगा की जनता हाथियों के आतंक से त्राहिमाम कर रही है, लेकिन वन विभाग उदासीन रवैया अपनाए हुए है. विधायक ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने में वन विभाग को लेकर लगातार समस्याएं सामने आती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े औद्योगिक प्रोजेक्टों के मामले में अनुमति देने में तेजी दिखाई जाती है, जबकि ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों के लिए अड़चनें खड़ी की जाती हैं. उन्होंने वन विभाग के इस कथित दोहरे रवैये को केंद्र सरकार की साजिश बताया. विधायक ने कहा कि आज अदानी और अंबानी जैसे पूंजीपतियों को जंगल काटने और माइनिंग की खुली छूट देकर केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में हाथियों के खौफ को बढ़ा दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता को समझना होगा नहीं तो आने वाले समय में पर्यावरण दूषित होकर मनुष्य जीवन को खत्म कर देगा, और इसका जिम्मेदार केंद्र की भाजपा सरकार होगी जिसे पूंजीपतियों को लाभ पहुंचने के लिए गरीब ग्रामीण जनता का हित को कभी नहीं सोचा.
विधायक ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था का निर्देश दिया है, उन्होंने साथ ही घायल हरिहर गंझू के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
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