संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: सदगुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान के द्वारा कन्याकुमारी से शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद संदेश यात्रा गुरुवार को पलामू पहुंचा, भक्तजनों में उत्साह,श्रद्धा, विश्वास का भाव दिखा. शहर के बीस फूटा पुल रोड स्थित बैजनाथ सिंह सेवा आश्रम परिसर में विहंगम योग समारोह सह ध्यान साधना सत्र का आयोजन हुआ. ध्वजारोहण व राष्ट्रगान के बाद दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुआ.
स्वर्वेद कथामृत के प्रवर्तक संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज ने भक्तजनों व श्रद्धालुओं को स्वर्वेद कथा का रसपान कराते हुए आत्म कल्याण के लिए दिव्य आध्यात्मिक संदेश दिया. स्वर्वेद कथा के दौरान संत प्रवर ने कहा कि ईश्वर की असीम कृपा से दुर्लभ मानव जीवन मिला है. प्रत्येक मनुष्य के भीतर ईश्वर की अनंत शक्तियां सूक्ष्म रूप से विद्यमान है. आत्मा में ही परमात्मा का वास होता है. अपने भीतर के अनंत शक्ति का सच्चा ज्ञान स्वयं को जानने से होता है.आंतरिक शांति के अभाव से ही आज विश्व में अशांति है. मन शांत होने पर ही आत्मा का वास्तविक प्रकाश प्रकट होता है. मन पर नियंत्रण किए बिना अध्यात्म में पूर्णता प्राप्त नहीं की जा सकती. विहंगम योग की साधना का नियमित अभ्यास करने से मन नियंत्रित व शांत होता है. उन्होंने कहा कि विश्व का आध्यात्मिक सदग्रंथ स्वर्वेद की वाणी मन के अंधकार को मिटाती है.
संत प्रवर जी ने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि विहंगम योग के प्रणेता अमर हिमालय योगी अनन्त श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज ने अपनी गहन योग साधना द्वारा ईश्वर की प्राप्ति की एवं अति दुर्लभ विज्ञान को स्वर्वेद नामक अद्वितीय आध्यात्मिक सदग्रंथ के रूप में जनमानस को सुलभ कराया. उन्होंने कहा कि संसार दुख का सागर और परमात्मा सुख, शांति व आनंद का स्रोत है. हमारी अज्ञानता और मन की चंचलता ही दुखों का कारण है. अनादिकाल से हम सभी कर्म करते हुए उसका फल भोग रहे हैं. परमात्मा कर्माध्यक्ष है, वह सुख शांति व आनंद का प्रदाता है.
ब्रह्मविद्या विहंगम योग आत्म कल्याण का एकमात्र मार्ग है. आध्यात्मिक जीवन के संपूर्ण विकास और आत्म कल्याण के लिए नियमित सदगुरु की सेवा, साधना और सत्संग करना चाहिए. समारोह में करीब ढाई घंटे तक संत प्रवर की दिव्यवाणी जय स्वर्वेद कथा के रूप में प्रवाहित हुई और आत्मकल्याण का संदेश दिया. स्वर्वेद के दोहों की संगीतमय प्रस्तुति से सभी भक्तजन व श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे. संत प्रवर ने भक्तजनों की सेवा भक्ति, प्रेम, श्रद्धा भाव के प्रति प्रसन्नता जाहिर करते हुए सभी के मंगलमय एवं आनन्दमय जीवन का आशीर्वाद दिया.
समारोह में शामिल भक्तजनों को 14 व 15 दिसंबर को वाराणसी में आयोजित समर्पण दीप महोत्सव सह वार्षिकोत्सव में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया. भक्तजनों ने वार्षिकोत्सव को सफल बनाने का संकल्प लिया.
मौके पर प्रमुख रूप से विहंगम योग संस्थान बिहार के रामचंद्र तिवारी, झारखंड के सुरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महामंत्री ललित सिंह, डॉ पंकज द्विवेदी, उपेंद्रनाथ मिश्रा, नंदलाल पासवान, रवीन्द्र श्रीवास्तव, मनोरमा द्विवेदी, प्रधान जिला संयोजक भानु प्रताप देव, राम गोविंद यादव, राकेश पाठक, ओंकार नाथ पाठक, मंधर प्रसाद, अखिलेश मेहता, रामपति राम, सौगंध मेहता, दुलारचंद पाल सहित काफी संख्या में भक्तजन शामिल रहे.
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