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रांची/डेस्क: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज अपने केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से संवाद किया. इस संवाद में श्री सेठ ने राज्य की आर्थिक स्थिति कर कई सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि राज्य में कई योजनाएं अब तक अधूरी पड़ी है केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर काम नहीं हो रहा है सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दो-दो तीन-तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहे हैं पूरी स्थिति यह बता रही है कि राज्य में आर्थिक संकट है राज्य सरकार से मेरा आग्रह है कि राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया जाए ताकि जनता को सारी सच्चाई पता चल सके.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अधूरी योजनाएं सिर्फ रांची ही नहीं पूरे झारखंड की पहचान बन जा चुकी हैं. कई योजनाएं ऐसी हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार ने पैसे दिए हैं और वह योजना अब तक अधूरी है. जल जीवन मिशन के तहत लगभग 2490 करोड रुपए की लागत से 5 बड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन होना था, 2025 तक इसे पूरा करना था. परंतु अब तक योजनाएं पूरी नहीं हो पाई है. अधिकारी फंड की कमी का रोना रो रहे हैं. इस योजना के पूरा नहीं होने से सिर्फ रांची जिले के 66 हजार से अधिक घर प्रभावित है और पूरे झारखंड के लगभग 7 लाख घर प्रभावित हो रहे हैं. कोरोना संक्रमण काल में जिला के अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने योजना बनाई. इसका केंद्रांश 18 करोड़ रूपया राज्य को दिया गया. यह योजना 2022 तक पूरी हो जानी थी. उसके 4 साल बाद भी योजना पूरी नहीं हुई.
राज्य की सेवा कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है. पुलिस महकमे में ट्रेजरी घोटाला हुआ है, जो चारा घोटाला और पशुपालन घोटाला से भी बड़ा है. उसकी जांच चल रही है. इसकी जांच सीबीआई से करने के अनुशंसा सरकार अविलंब करे. नियमों का हवाला देकर दूसरे विभाग के अधिकारी, डॉक्टर, शिक्षक व कर्मचारी का वेतन रोका जा रहा है. दो-दो तीन तीन महीने से लोगों को वेतन नहीं मिल रहे हैं. हर तरफ से जिस तरह की बातें आ रही है, उससे यह पता चल रहा है कि राज्य आर्थिक संकट में है. विकास योजनाओं का रोका जाना, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और डॉक्टर का वेतन भुगतान नहीं होना; यह कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. राज्य सरकार से मेरी मांग है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य के वित्तीय हालात पर श्वेत पत्र जारी किया जाए ताकि राज्य की जनता को सच पता चल सके. इसके साथ ही बिना किसी किंतु परंतु के सभी अधिकारियों कर्मचारियों का अविलंब भुगतान सुनिश्चित करें.
बिजली आपूर्ति और रांची के नालों की सफाई पर मंत्री ने उठाए सवाल
संजय सेठ ने कहा कि बढ़ती गर्मी के साथ ही रांची शहर में पावर कट की समस्या बढ़ी है और इसका कोई समाधान इस सरकार के पास नहीं है. रोज अखबारों में सिर्फ खबरें छप रही है. आखिर जनता अपनी शिकायत लेकर कहां जाएगी? किसके पास जाएगी? कोई ऐसा सिस्टम डेवलप नहीं हुआ है, जिससे कि आम जनता बिजली काटने की शिकायत कर सके. इस शहर में 8-10 घंटे बिजली कट रही है. राजधानी की यह स्थिति आज से पहले कभी नहीं थी. बरसात आने वाला है. आज से पहले भी प्रत्येक वर्ष बरसात में खुले नालों के कारण कई हादसे होते हैं. कई लोगों ने अपनी जान गंवाईं है. कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यह मामला अब बिल्कुल संवेदनशील मामला हो चुका है. इस मुद्दे पर सीधे-सीधे राज्य सरकार के हस्तक्षेप की जरूरत है. 15 दिनों के अंदर शहर के बड़े छोटे नालों की युद्ध स्तर पर सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि फिर कोई परिवार किसी हादसे का शिकार नहीं हो. नालों की सुरक्षित तरीके से ढका जाये.
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