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डेस्क,बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के मानुषमुड़िया स्थित लैम्पस भवन के समीप खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले तथा सहकारिता विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से निर्मित ‘वेज फ्रेश’ केंद्र वर्तमान में बंद पड़ा है. केंद्र के शटर बंद हैं और परिसर में घास-फूस एवं झाड़ियां उग आई हैं. इससे सरकारी राशि से निर्मित इस केंद्र के उपयोग एवं संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं.
वेज फ्रेश केंद्र के निर्माण का उद्देश्य स्थानीय किसानों एवं उत्पादकों को उनकी कृषि उपज, विशेषकर ताजी सब्जियों के विपणन के लिए बेहतर एवं सुविधाजनक बाजार उपलब्ध कराना था. इसके माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज बेचने की सुविधा मिलने तथा उपभोक्ताओं को ताजी कृषि उपज उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई थी.मानुषमुड़िया एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान कृषि एवं सब्जी उत्पादन से जुड़े हुए हैं. ऐसे में इस केंद्र का नियमित संचालन क्षेत्र के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. किसानों को अपनी उपज के विपणन के लिए बेहतर स्थानीय बाजार मिलने से उनकी बाजार तक पहुंच मजबूत होगी और उन्हें अपनी कृषि उपज बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों पर निर्भरता भी कम हो सकती है.
निर्माण के बाद केंद्र का नियमित संचालन नहीं होने से लाखों रुपये की लागत से तैयार यह सरकारी परिसंपत्ति अपेक्षित उपयोग से वंचित दिखाई दे रही है. सरकारी राशि से निर्मित किसी भी परिसंपत्ति का उद्देश्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका प्रभावी संचालन और उससे संबंधित लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचना भी आवश्यक है.
ग्रामीणों एवं किसानों ने खाद्य आपूर्ति एवं सहकारिता विभाग तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि केंद्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए इसके बंद रहने के कारणों का पता लगाया जाए तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं संचालन संबंधी प्रक्रिया पूरी कर ‘वेज फ्रेश’ केंद्र को शीघ्र शुरू कराया जाए.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस केंद्र का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध कराना है, तो इसके नियमित संचालन से क्षेत्र के किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है. साथ ही, सरकारी निवेश का भी वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा.
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