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रांची/डेस्क: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट करते हुए कहा कि झारखंड पुलिस में DG और IG की अब कोई हैसियत ही नहीं बची है! अपने पोस्ट में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आदरणीय मंत्री राधाकृष्ण किशोर जी, आप भी किन कागज़ी चक्करों में फंसे हुए हैं?
आप जवानों को बैठाने के लिए DG साहब को पत्र लिख रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि झारखंड पुलिस में DG और IG की अब कोई हैसियत ही नहीं बची है! पूरा पदानुक्रम ध्वस्त हो चुका है।.मेरी बात मानिए, सीधे अजय सिंह (ASI) के दरबार में अर्जी लगाइए. आपका गाड़ी, गार्ड, एस्कॉर्ट, सब एक झटके में अलॉट हो जाएगा.
जब राज्य के एक ADG स्तर के अधिकारी खुद बेबस होकर यह स्वीकार कर चुके हों कि “अजय जी की मर्जी के बिना झारखंड पुलिस में एक पत्ता तक नहीं हिलता, वही सबके कर्ता-धर्ता हैं”, तो आप इतने वरिष्ठ और कद्दावर नेता होकर DG से पत्राचार करने की भूल क्यों कर रहे हैं?
एक कैबिनेट मंत्री को जवानों को बैठाने के लिए चौथी गाड़ी तो दूर, उलटा उनका ही संयुक्त सचिव बची-खुची गाड़ी भी वापस मांग लेता है! आपने इसे अपने लिए 'Embarrassing' बताकर आहत होकर अपनी सुरक्षा वापस कर दी, लेकिन असल में 'Embarrassing' तो झारखंड का यह पूरा सिस्टम है जो पूरी तरह से चरमरा गया है.
मंत्री जी, यह सरकार और महकमा अब अधिकारियों से नहीं चल रहा. DG को पत्र लिखना छोड़िए और अपनी गाड़ी-गार्ड की समस्या लेकर झारखंड पुलिस के उस सर्वशक्तिमान 'ASI' के पास जाइए, जिसके इशारों पर आज पूरी की पूरी भ्रष्ट व्यवस्था नाच रही है!
राधाकृष्ण किशोर जी... झारखंड पुलिस में DG और IG की अब कोई हैसियत ही नहीं बची है: बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट करते हुए कहा कि झारखंड पुलिस में DG और IG की अब कोई हैसियत ही नहीं बची है!
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