अराजकता की राजनीति स्वीकार्य नहीं

कांग्रेस की हिंसा और अराजकता की राजनीति स्वीकार्य नहीं: संजय सेठ

चोर मचाए शोर कहावत को चरितार्थ कर रही कांग्रेस : संजय सेठ

By : Ark Sahuliyar
कांग्रेस की हिंसा और अराजकता की राजनीति स्वीकार्य नहीं: संजय सेठ

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने रांची में भाजपा प्रदेश मुख्यालय के घेराव के नाम पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हिंसक एवं अलोकतांत्रिक व्यवहार की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति व्यक्त करने का सभी को अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यालय का घेराव कर टकराव, हिंसा और अराजकता का वातावरण बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है.

सेठ ने कहा कि आज भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के कुत्सित षड्यंत्र और हिंसक मंसूबों को पूरी तरह विफल कर दिया. यदि कांग्रेस को किसी विषय पर सरकार से शिकायत है तो उसके लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध हैं. लेकिन कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संवाद का मार्ग छोड़कर उग्र राजनीति का रास्ता चुना, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पूरे देश में टकराव और अराजकता की राजनीति को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है. रांची की घटना भी उसी सोच का परिणाम है. देश की जनता कांग्रेस की इस राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी.

संजय सेठ ने कहा कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस आज "चोर मचाए शोर" की तर्ज पर राजनीति कर रही है. कांग्रेस को भाजपा पर निराधार आरोप लगाने के बजाय राज्य सरकार, जेपीएससी और उन व्यवस्थाओं से जवाब मांगना चाहिए, जिन पर वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, भ्रष्टाचार और झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के गंभीर आरोप लगते रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज झारखंड के युवा न्याय की मांग कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस उनका साथ देने के बजाय भाजपा को निशाना बना रही है. इससे स्पष्ट संदेश जाता है कि कांग्रेस युवाओं के साथ हुए अन्याय और भ्रष्टाचार पर मौन सहमति रखती है.

रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हिंसा, अराजकता और राजनीतिक टकराव की संस्कृति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती. भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और शांतिपूर्ण राजनीतिक परंपराओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की हिंसक और अलोकतांत्रिक राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती के साथ सामना करती रहेगी.

यह भी पढ़ें- भाजपा 24 जुलाई को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर राहुल गांधी का करेगी पुतला दहन

 

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