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रांची/डेस्क: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. सरकार ने इस बजट में सामाजिक योजनाओं, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया हैं.

प्रक्षेत्रों के अनुसार, बजट आवंटन:
राज्य सरकार ने बजट को तीन प्रमुख प्रक्षेत्रों में बांटा है.
- सामान्य प्रक्षेत्र के लिए 32,055 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
- सामाजिक प्रक्षेत्र को सबसे अधिक 67,459 करोड़ रुपये का आवंटन मिला हैं.
- वहीं आर्थिक प्रक्षेत्र के लिए 59,044 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
राज्य की आय के प्रमुख स्रोत
बजट के अनुसार, राज्य को अपने कर राजस्व से 46 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान हैं.
- गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़ रुपये मिलेंगे.
- केंद्रीय सहायता के रूप में 18,273 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे.
- केंद्रीय करों में झारखंड की हिस्सेदारी 51,236 करोड़ रुपये तय की गई हैं.
- इसके अलावा लोक ऋण से 22,049 करोड़ रुपये तथा उधार एवं अग्रिम से 300 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान हैं. राज्य का राजकोषीय घाटा 13,595 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया हैं.
- कृषि विभाग के लिए 4,884 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं.
- ग्रामीण विकास विभाग को 12,346 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- जल संसाधन विभाग के लिए 2,714 करोड़ और पंचायती राज विभाग के लिए 2,283 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं.
- सामाजिक योजनाओं पर बड़ा खर्च
- सरकार की महत्वाकांक्षी मैया सम्मान योजना के लिए 14,065 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं.
- महिला, बाल कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को 22,995 करोड़ रुपये दिए गए हैं.
- प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए 16,251 करोड़ रुपये तय किए गए हैं.
- तकनीकी शिक्षा के लिए 2,564 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- स्वास्थ्य विभाग को 7,990 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लिए 5,194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं.
- खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता विभाग को 2,887 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के लिए 3568 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया हैं.
- वन विभाग के लिए 1544 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- पथ निर्माण विभाग को 6601 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- ग्रामीण कार्य विभाग के लिए 5081 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- नागर विमानन विभाग के लिए 138 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- ऊर्जा विभाग 11197 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- उद्योग विभाग के लिए 541 करोड़ 30 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं.
- भवन निर्माण विभाग को 894 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- नगर विकास एवं आवास विभाग को 3919 करोड़ रूपए का बजट मिला हैं.
- पर्यटन विभाग के लिए 361 करोड़ 67 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं.
- सूचना एवं प्रौद्योगिकी को 328 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- ग्रह कारा एवं आपदा प्रबंधन के लिए 11 हजार 38 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- योजना एवं विकास विभाग को 539 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- बाल बजट के लिए दस हजार 793 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- योजना आकार को एक लाख 891 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- आउट कम बजट की राशि 62329 करोड़ हैं.
- जेंडर बजट को 34211 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- बजट स्थिरीकरण कोष के लिए 1209 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- फसल बीमा योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- अबुवा आवास योजना के लिए 4100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- पलाश मार्ट के लिए 66 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- महिला किसान सशक्तिकरण योजना को 70 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- वृद्धाश्रम को 25 करोड़ रुपये का बजट मिला हैं.
- किशोरी बालिकाओं के लिए 41 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
- कैंसर रोग के रोकथाम के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
जारी रहेगी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, बजट में क्या मिला?
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए भी बड़ी रकम का प्रावधान किया है. बता दें, मंईयां सम्मान योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपये प्रति महीने मिलता है.
कैंसर के इलाज के लिए बजट में 200 करोड़ का अलग से प्रावधान
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि झारखंड सरकार ने बजट में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए 200 करोड़ रुपये की अलग से व्यवस्था की है, जिससे राज्य में कैंसर के इलाज की सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके.
झारखंड में खोले जाएंगे 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा के लिए 16,251 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है. बजट भाषण के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि राज्यभर में 100 पीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे.
महिला एवं बाल विकास के लिए 22 हजार करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि सरकार ने आधी आबादी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सबसे बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, उनके पोषण और सर्वांगीण विकास के लिए बजट में 22,000 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए है.
गांव की तस्वीर बदलने के लिए बजट में 12,346 करोड़ रुपये का प्रावधान
ग्रामीण झारखंड की तस्वीर बदलने के लिए राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 'ग्रामीण विकास' मद में 12,346 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है. इस राशि से गांवों में सड़क, आवास और आजीविका के साधनों का विस्तार किया जाएगा.
केंद्र से सहयोग नहीं, फिर भी किसी कर्मचारी की सैलरी नहीं रुकी- राधा कृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है. केंद्र से पैसा नहीं मिल रहा है. केंद्र से अनुदान राशि के 11000 करोड़ नहीं मिले. उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर भी टिप्पणी की. फिर भी हमारी सरकार में अभी तक एक भी कर्मचारी का एक भी महीने का वेतन नहीं रुका है. बजट भाषण के दौरान राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, हम झारखंड के रहने वाले लोग कितने भाग्यशाली है. प्रकृति ने हमें घने जंगलों, खूबसूरत पहाड़ियों, बहुमूल्य खनिज संपदाओं, शानदार झरनों का झारखण्ड प्रदेश के रूप में अनुपम उपहार दिया है.
बजट में सभी लोगों को मुस्कान का मिलेगा मौका- बोले राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के बजट में सभी लोगों को मुस्कान का मौका मिलेगा. राधाकृष्ण किशोर दूसरी बार बजट पेश कर रहे है. वित्त मंत्री ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन और अमर शहीदो को श्रद्धांजलि के साथ बजट भाषण की शुरुआत की.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन आज सदन की कार्यवाही शुरू हो गई. आज दोपहर 12 बजे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करेंगे. बजट से पहले प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने शिक्षा, पर्यावरण और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए.
स्कूलों में स्वेटर वितरण का मुद्दा उठा
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर ने सर्दी शुरू होने से पहले स्कूली बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि लाभ समय पर मिलना चाहिए और 15 जिलों में स्वेटर की राशि नहीं पहुंचने की शिकायत सामने आई हैं. इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने जवाब देते हुए कहा कि देश संघीय व्यवस्था से चलता है और योजनाएं केंद्र व राज्य के सहयोग से संचालित होती हैं. उन्होंने बताया कि पोशाक योजना के साथ स्वेटर भी दिया जाता है, लेकिन केंद्र से समय पर राशि मिलने पर ही वितरण समय पर संभव हो पाता हैं. सदन के स्पीकर ने संथाल परगना क्षेत्र में स्वेटर वितरण नहीं होने की बात पर चिंता जताते हुए कहा कि योजना का लाभ राज्य के हर हिस्से तक पहुंचना चाहिए.
शिक्षा के अधिकार कानून और लॉटरी प्रक्रिया पर सवाल
भाजपा विधायक शशिभूषण मेहता की ओर से अधिकृत सदस्य नीरा यादव ने शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत क्षेत्रीय सीमा को पूर्व की तरह लागू करने और स्कूलों में नामांकन की लॉटरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का मुद्दा उठाया. मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि विभाग निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही काम कर रहा है और नियमों का पालन किया जा रहा हैं.
दामोदर नदी प्रदूषण पर सरकार से जवाब
जेडीयू विधायक सरयू राय ने दामोदर नदी को प्रदूषित करने के आरोपों को लेकर एनटीपीसी और डीवीसी के खिलाफ कार्रवाई का सवाल उठाया. मंत्री ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच समिति ने मामले की जांच की, जिसमें कुछ कमियां पाई गई. इसके आधार पर एक दिन का जुर्माना और करीब 7 लाख रुपये का दंड लगाया गया है तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी हैं.
स्कूल ड्रॉपआउट दर पर भी हुई चर्चा
जेएमएम विधायक हेमलाल मुर्मू ने प्रश्नकाल में छात्रों के बढ़ते ड्रॉपआउट प्रतिशत का मुद्दा उठाया. इस पर मंत्री ने कहा कि विभाग के आंकड़ों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा स्तर पर ड्रॉपआउट की स्थिति गंभीर नहीं है और सकल नामांकन दर में सुधार दिखाई दे रहा हैं. हालांकि स्पीकर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि ड्रॉपआउट दर बढ़ रही है तो यह चिंता का विषय है और इस पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत हैं.
विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मंगलवार को राज्य का बजट पेश करने से पहले पारंपरिक रूप से दही खाकर अपने आवास से निकले. इसके बाद वे लोकभवन के लिए रवाना हुए. उनके साथ वित्त सचिव प्रशांत कुमार भी मौजूद रहे. लोकभवन के लिए रवाना होने के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि इस बार का बजट अच्छा होगा और लोगों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए. उन्होंने संकेत दिया कि बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की जा सकती है. लोकभवन पहुंचने के बाद वित्त मंत्री ने संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने राज्यपाल को बजट दस्तावेज की एक प्रति भी सौंपी. औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे विधानसभा के लिए रवाना हो गए. सभी औपचारिकताओं के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर झारखंड विधानसभा पहुंचे, जहां वे वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेंगे. राज्य के विकास, कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक दिशा को लेकर इस बजट पर सभी की नजरें टिकी हुई है.
झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट सदन में पेश करेगी. इस बार राज्य का बजट आकार लगभग 1.62 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना जताई जा रही है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा माना जा रहा हैं.
जानकारी के अनुसार, आगामी बजट में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था के विस्तार, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जा सकती हैं. इसके साथ ही रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचा विकास और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार पर भी विशेष जोर रहने के संकेत हैं.
पिछले साल पेश हुआ था ‘अबुआ बजट’
वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार ने करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जिसे ‘अबुआ बजट’ नाम दिया गया था. यह बजट राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा प्रस्तुत किया गया था. उस बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं, आधारभूत संरचना निर्माण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया था.
पिछले बजट की प्रमुख घोषणाएं और प्रावधान
पिछले बजट में महिला-बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को सबसे अधिक प्राथमिकता मिली थी. इस मद में 22,023 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था, जिसमें मैया सम्मान योजना के लिए अकेले लगभग 13,363 करोड़ रूपए आवंटित किए गए थे. इसके अलावा नि:शुल्क बिजली योजना के लिए 5,005 करोड़ रूपए निर्धारित किए गए थे.
शिक्षा क्षेत्र में स्कूल शिक्षा के लिए 15,198 करोड़ रूपए और उच्च व तकनीकी शिक्षा के लिए 2,409 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था. स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 7,470 करोड़ रूपए आवंटित किए गए थे. वहीं ग्रामीण विकास विभाग को 9,841 करोड़ रूपए, कृषि विभाग को 4,588 करोड़ रूपए, जल संसाधन विभाग को 2,257 करोड़ रूपए और पंचायती राज विभाग को 2,144 करोड़ रूपए की राशि दी गई थी. पुलिस, पर्यटन, श्रम और सूचना प्रौद्योगिकी समेत अन्य विभागों के लिए भी अलग-अलग बजटीय प्रावधान किए गए थे.
खर्च के संतुलन पर सरकार का जोर
पिछले बजट में सामाजिक सुरक्षा एवं महिला-बाल विकास पर करीब 15 प्रतिशत, शिक्षा क्षेत्र पर 12-13 प्रतिशत, स्वास्थ्य पर 5-6 प्रतिशत तथा ग्रामीण विकास और पंचायत योजनाओं पर लगभग 8-9 प्रतिशत खर्च का प्रावधान रखा गया था. इससे स्पष्ट हुआ था कि सरकार सामाजिक योजनाओं और विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं.
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