हिमांशु सिंह की हत्या

हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या हेमंत सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण: आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आदित्यपुर में दिवंगत हिमांशु सिंह के परिजनों से की मुलाकात, जताया गहरा दुख

By : Ark Sahuliyar
हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या हेमंत सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण: आदित्य साहू

न्यूज़11 भारत
जमशेदपुर/डेस्क:
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जमशेदपुर के हरिओम नगर, आदित्यपुर स्थित दिवंगत हिमांशु सिंह के आवास पहुँचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देते हुए इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया. 

आदित्य साहू ने कहा कि विगत दिनों जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. पुलिस की मौजूदगी में दिनदहाड़े एक युवक हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या होना हेमंत सोरेन सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण है. वहीं इस घटना में एक अन्य युवक कलकत्ता में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है. जब अपराधी पुलिस के सामने ही हत्या कर फरार हो जाएँ, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि झारखंड में अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है. ऐसी घटनाएँ राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं. इस घटना ने यह भी साबित किया है कि झारखंड में पुलिस-प्रशासन की नहीं बल्कि अपराधियों की समानांतर  सरकार चल रही है. राज्य सरकार पूरी तरह सो रही है. 

दौरे के दौरान प्रदेश अध्यक्ष से स्थानीय नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें राज्य सरकार और वर्तमान जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है. उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए झारखंड उच्च न्यायालय के माध्यम से जनहित याचिका (PIL) दायर कर सीबीआई जांच जाँच की मांग की, ताकि पूरे मामले का सच सामने आए और दोषियों के साथ-साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों पर भी कठोर कार्रवाई हो सके.

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा परिवार भी इस मांग का पूर्ण समर्थन करता है और हम मानते हैं कि स्वर्गीय हिमांशु सिंह एवं उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है. इस मामले को लेकर प्रारंभ से ही जिस प्रकार स्थानीय पुलिस-प्रशासन और राज्य सरकार की मंशा दिखी है, उसे देखते हुए सीबीआई जांच ही मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर सकती है.

आदित्य साहू ने कहा कि आखिर पुलिस के सामने अपराधियों की इतनी हिम्मत कहां से आ गई ? पुलिस की कमर में जो पिस्टल है, क्या वह सिर्फ शो के  लिए उन्हें दी गई है ? पुलिस केवल हवाई फायरिंग भी करती तो अपराधियों में दहशत होता लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही. कहा जा सकता है कि पुलिस की संरक्षण में, पुलिस की मिलीभगत से अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है.  उन्होंने कहा कि भाजपा फिर यह मांग दोहराती है कि घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों पर सरकार द्वारा 302 का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए ताकि फिर से कोई पुलिसकर्मी अपने दायित्व से भागने की हिम्मत नहीं कर सके. प्रशासन के लोग दूसरे पर 302 मुकदमा दर्ज कर मामले को डायवर्ट करना चाहते हैं. यह रवैया अनुचित है. 

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने, शोकाकुल परिवार को शक्ति देने और इलाजरत युवक के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की. इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, द्वय प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, प्रकाश सिंह, द्वय जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान, संजीव सिन्हा, आदित्यपुर के महापौर संजय सरदार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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