मांगों के समर्थन में प्रदर्शन

अखिल भारतीय किसान महासभा ने पलामू समाहरणालय में किया जोरदार प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा 8 सूत्री मांग-पत्र

किसानों ने सिंचाई, जमीन और बिजली की मांगों को लेकर प्रदर्शन के बाद डीसी के को कराया समस्याओं से अवगत

By : Pramod Kumar
अखिल भारतीय किसान महासभा ने पलामू समाहरणालय में किया जोरदार प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा 8 सूत्री मांग-पत्र

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क:  पलामू समाहरणालय परिसर में अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले गुरवार को किसानों ने जोरदार रैली, धरना और प्रदर्शन आयोजित किया  पलामू जिले के किसानों ने लंबे समय से चली आ रही सिंचाई, बिजली, जमीन और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की  धरना प्रदर्शन के बाद किसान प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पलामू के उपायुक्त को झारखंड सरकार के नाम अपना 8 सूत्री मांग-पत्र सौंपा और क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के अविलंब समाधान की मांग की..

चाको-सोनरे नहर के पक्कीकरण के लिए मांगा स्वीकृत फंड 

इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चाको-सोनरे नहर के पक्कीकरण के लिए स्वीकृत 40-40 करोड़ रुपये के फंड को तत्काल जारी करने की मांग उठाई. साथ ही पीरी, जामुने और जिंजोई नहरों के जर्जर होने के कारण खेतों तक पानी न पहुँच पाने का मुद्दा उठाते हुए इनके तुरंत जीर्णोद्धार पर जोर दिया. किसानों ने कहा कि जिस तरह सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है, उसी प्रकार अन्नदाता किसानों को भी सिंचाई के लिए पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जाए.

किसानों ने उठाईं कई अन्य मांगें

मांग-पत्र के माध्यम से वनाधिकार कानून के तहत गोईंदी, कामत और मनातू जैसे जंगल से सटे इलाकों के भूमिहीन किसानों को जमीन का पट्टा देने तथा नावा, नौगढ़ और गेठा के पर्चाधारी किसानों को उनकी जमीन पर वास्तविक मालिकाना हक दिलाने की मांग की गई. इसके अलावा बांसगुरु, शिवरहाड़ी, शाहिद और रामसागर के पात्र भूमिहीन किसानों को सरकारी जमीन का पर्चा देने, अंचल कार्यालयों में जमीन के ऑनलाइन म्यूटेशन में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए जनविरोधी MMDR कानून को तुरंत रद्द करने का मुद्दा भी प्रमुखता से 

यह भी पढ़ें: घाघरा के देवाकी में 45 वर्षीय व्यक्ति की हत्या से सनसनी, पेट्रोल पंप के सामने खेत में मिला शव

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.