संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: पलामू समाहरणालय परिसर में अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले गुरवार को किसानों ने जोरदार रैली, धरना और प्रदर्शन आयोजित किया पलामू जिले के किसानों ने लंबे समय से चली आ रही सिंचाई, बिजली, जमीन और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की धरना प्रदर्शन के बाद किसान प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पलामू के उपायुक्त को झारखंड सरकार के नाम अपना 8 सूत्री मांग-पत्र सौंपा और क्षेत्र के किसानों की समस्याओं के अविलंब समाधान की मांग की..
चाको-सोनरे नहर के पक्कीकरण के लिए मांगा स्वीकृत फंड
इस प्रदर्शन के दौरान किसानों ने चाको-सोनरे नहर के पक्कीकरण के लिए स्वीकृत 40-40 करोड़ रुपये के फंड को तत्काल जारी करने की मांग उठाई. साथ ही पीरी, जामुने और जिंजोई नहरों के जर्जर होने के कारण खेतों तक पानी न पहुँच पाने का मुद्दा उठाते हुए इनके तुरंत जीर्णोद्धार पर जोर दिया. किसानों ने कहा कि जिस तरह सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है, उसी प्रकार अन्नदाता किसानों को भी सिंचाई के लिए पूरी तरह मुफ्त बिजली दी जाए.
किसानों ने उठाईं कई अन्य मांगें
मांग-पत्र के माध्यम से वनाधिकार कानून के तहत गोईंदी, कामत और मनातू जैसे जंगल से सटे इलाकों के भूमिहीन किसानों को जमीन का पट्टा देने तथा नावा, नौगढ़ और गेठा के पर्चाधारी किसानों को उनकी जमीन पर वास्तविक मालिकाना हक दिलाने की मांग की गई. इसके अलावा बांसगुरु, शिवरहाड़ी, शाहिद और रामसागर के पात्र भूमिहीन किसानों को सरकारी जमीन का पर्चा देने, अंचल कार्यालयों में जमीन के ऑनलाइन म्यूटेशन में फैले भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए जनविरोधी MMDR कानून को तुरंत रद्द करने का मुद्दा भी प्रमुखता से
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