रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत
चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिले की टेबो थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. थाना प्रभारी सुशील कुमार मरांडी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रोगोद गांव में चलाए गए विशेष सर्च अभियान के दौरान तीन अफीम तस्करों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 20 किलो पोस्तु, दो बाइक और 7 लाख रुपये नगद बरामद किए गए. सभी आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि रोगोद गांव में अफीम की बड़ी खेप खरीदने के लिए कुछ तस्कर पहुंचने वाले हैं. सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी ने तुरंत टीम गठित कर जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की. जैसे ही तस्कर मौके पर पहुंचे, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों को दौड़ाकर दबोच लिया. कड़ी पूछताछ में आरोपियों की निशानदेही पर 20 किलो पोस्तु भी बरामद कर लिया गया.
गिरफ्तार आरोपी
पकड़े गए तस्करों की पहचान रोगोद गांव निवासी बुद्धनाथ पूरती (38), पिता कोंता पूरती, सोमा हास्सा पूरती (26), पिता नन्दो हास्सा पूरती और कोटागढ़ा गांव निवासी मांगरा हुनी पूरती (22), पिता स्वर्गीय डेढ़ो मुंडा के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों के खिलाफ टेबो थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 27(a), 28 और 29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
एसपी के निर्देश पर लगातार अभियान
थाना प्रभारी सुशील कुमार मरांडी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पूरे टेबो क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.
जंगल क्षेत्र में होती है अवैध खेती
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टेबो, कराईकेला, बंदगांव और टोकलो थाना क्षेत्र का बड़ा हिस्सा घने जंगलों से घिरा है. इन दुर्गम इलाकों में ग्रामीण पुलिस की नजरों से बचकर अवैध रूप से अफीम की खेती करते हैं. पुलिस इन क्षेत्रों में समय-समय पर सर्च अभियान चलाकर कार्रवाई करती रहती है. ताजा कार्रवाई से इलाके के अफीम तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है.एक आंकड़े के अनुसार चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के केरा गांव से प्रत्येक वर्ष पोस्तु का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. बरामद नगदी और वाहनों से साफ है कि इस धंधे में बड़े स्तर पर लेन-देन होता है. पुलिस का कहना है कि अफीम की अवैध खेती और तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा.
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