संतोष कुमार/न्यूज़11 भारत
सरायकेला/डेस्क: राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को राजनगर स्थित एस.एस. प्लस-2 उच्च विद्यालय में जागरूकता एवं मुख स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003, झारखंड संशोधित अधिनियम, 2021, तंबाकू मुक्ति केंद्र तथा तंबाकू सेवन से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी हानियों की विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही विद्यार्थियों को तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई गई.
जागरूकता कार्यक्रम को रोचक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इसके उपरांत कक्षा 11 के लगभग 200 विद्यार्थियों का मुख स्वास्थ्य परीक्षण किया गया. जांच के दौरान अधिकांश विद्यार्थियों का मुख स्वास्थ्य सामान्य पाया गया तथा केवल चार से पांच विद्यार्थियों में उपचार की आवश्यकता चिन्हित की गई. जांच में किसी भी विद्यार्थी द्वारा खैनी, गुटखा अथवा अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन के प्रमाण नहीं पाए गए.
कार्यक्रम के क्रम में राजनगर क्षेत्र की लगभग 25 से 30 दुकानों का निरीक्षण कर दुकानदारों को COTPA अधिनियम, 2003 एवं झारखंड संशोधित अधिनियम, 2021 के प्रावधानों की जानकारी दी गई. सभी दुकानदारों से अधिनियम का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया. साथ ही उपायुक्त, सरायकेला-खरसावाँ के निर्देशानुसार विद्यालयों के 100 मीटर की परिधि में स्थित तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वाली दुकानों को पांच दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए गए. निर्धारित अवधि के बाद भी अनुपालन नहीं होने की स्थिति में पुलिस के सहयोग से विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार स्पॉट फाइन एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई करने की भी जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में सदर अस्पताल, सरायकेला के दंत विभाग की वरिष्ठ दंत शल्य चिकित्सक डॉ. कामिनी लता, दंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ राजू कुमार पासवान तथा परामर्शी अशोक यादव उपस्थित रहे.
इस अवसर पर बताया गया कि गुटखा, पान मसाला, खैनी एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन तथा मुख की समुचित साफ-सफाई नहीं रखने से मुख कैंसर सहित अनेक गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर समय-समय पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर आमजन को तंबाकू मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है. सभी नागरिकों से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई, ताकि गंभीर बीमारियों, विशेषकर मुख कैंसर, से बचाव सुनिश्चित किया जा सके.