न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने पिछले एक हफ्ते से चल रहे फ्लाइट संकट पर सरकार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी हैं. 3 दिसंबर से शुरू हुए इस अव्यवस्थित दौर में 3900 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी है, जिससे देशभर में यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. एयरलाइन ने कहा कि वह इस स्थिति से बेहद दुखी है और यात्रियों से क्षमा चाहते हैं. सरकार को यह जवाब एक गोपनीय पत्र के रूप में दिया गया हैं.
इंडिगो के अनुसार, यह संकट किसी एक वजह से नहीं बल्कि कई कारणों के एक साथ असर डालने से अचानक पैदा हुआ हैं. एयरलाइन ने कहा कि उसके ऑपरेशन बड़े स्तर पर चलते है, इसलिए किसी एक वजह को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा. कंपनी ने DGCA से अनुरोध किया है कि शो कॉज नोटिस का जवाब देने के लिए और समय दिया जाए, क्योंकि नियमों के मुताबिक 15 दिन तक का समय मिल सकता हैं. एयरलाइन ने भरोसा दिया कि वह जल्द ही अपनी पूरी रूट कॉज एनालिसिस साझा करेगी.
प्रारंभिक जांच में इंडिगो ने जिन वजहों को इस संकट का कारण बताया है, उनमें शामिल है-
- विंटर शेड्यूल लागू होने से जुड़े बदलाव
- तकनीकी दिक्कतें
- खराब मौसम
- एयरस्पेस की भीड़
- FDTL फेज-2 के तहत लागू नए पायलट ड्यूटी नियम
इंडिगो का कहना है कि इन सभी कारणों के चलते पायलट उपलब्धता प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी. इसी वजह से एयरलाइन की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी अचानक गिर गई. उधर, सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए चार सदस्यीय हाई लेवल समिति बनाई है, जो क्रू मैनेजमेंट, स्टाफ प्लानिंग और FDTL नियमों के पालन की जांच करेगी. इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स सहित कई शीर्ष अधिकारी समिति के सामने पेश होंगे.
इंडिगो ने कहा कि वह यात्रियों को राहत देने के लिए तेज़ी से रिफंड जारी कर रही है और जरूरत पड़ने पर दूसरी फ्लाइट, पूरा रिफंड और ग्राउंड सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा हैं. अब तक 610 करोड़ रुपये से अधिक के रिफंड प्रोसेस किए जा चुके हैं.
यह भी पढ़े: Jharkhand Weather: झारखंड में बढ़ेगी कड़कड़ाती ठंड, पहाड़ों की बर्फ और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर दिखना शुरू