न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर छात्र आन्दोलन पर अपनी राय रखी है. स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी से न्यूज़ 11 भारत की खास बातचीत करते हुए कहा कि युवाओं की मांग जायज़ है, मगर दोनों स्तरों पर हठधर्मिता छोड़नी होगी. उन्होंने कहा कि छात्रों को भी और सरकार को अपनी हठधर्मिता छोड़नी चाहिए. सरकार को थोड़ा सॉफ्ट होना होगा. तभी छात्रों का यह आंदोलन खत्म हो पायेगा.
स्वास्थ्य मत्री ने कहा कि मेरी इच्छा थी कि छात्रों के साथ बातचीत के लिए सरकार ने जो कमेटी गठित की है उसमें मुझे भी रखा जाता. बीजेपी ने इस राज्य के आंदोलन को देश का आंदोलन बना दिया है. बीजेपी नहीं चाहती है कि इस राज्य का नेतृत्व कोई आदिवासी करे और न ही अल्पसंख्यक मंत्री की कुर्सी पर बैठे. ये लोग आदिवासी-मूलवासी-अल्पसंख्यक-दलित से नफरत करते हैं.
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी खुद छात्रों के इस आंदोलन को लेकर गंभीर हैं. उन्होंने सीएम साहब को चिट्ठी भी लिखी है. भाजपा वाले मेरे और छात्रों के बीच दूरी पैदा कर रहे हैं. भाजपा से कहना चाहता हूं यह बच्चे आपके भी हैं, इनको लेकर पॉलिटिक्स ना करें. रघुवर दास के धरना स्थल पर जाने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने आपत्ति भी जताई.
इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों की सेहत का हमें पूरा ख्याल है. हमने पूरी टीम धरना स्थल पर लगा रखी है, छात्रों से हम अपील करते हैं कि आप भूख हड़ताल छोड़ें, जिंदगी रहेगी तो कई आंदोलन होंगे. बच्चे अपनी जान को दांव पर ना लगाएं. कैजुअल्टी की चिंता हमें रात-दिन सताती रहती है.
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