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रांची/डेस्क: झारखंड में सक्रिय प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडर दीपक के जी उर्फ दीपक यादव उर्फ कारू यादव को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने उसकी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. अदालत ने मामले की गंभीरता, आरोपी के आपराधिक इतिहास और ट्रायल की स्थिति को देखते हुए उसे राहत देने से इनकार कर दिया. यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने सुनाया.
चतरा के पुराने आपराधिक मामले से जुड़ा है केस
मामला चतरा जिले के पठलगड्डा थाना कांड संख्या 38/2009 से जुड़ा है. इस मामले का ट्रायल वर्तमान में चतरा की सत्र अदालत में सत्र वाद संख्या 117/2025 के रूप में लंबित है. आरोपित पर कई गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है. उसके अलावा झारखंड-बिहार के विभिन्न थानों में 60 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं.
सरकार ने किया कड़ा विरोध
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से जमानत देने की मांग की गई. वहीं राज्य सरकार की ओर से इसका पुरजोर विरोध किया गया. सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि कारू यादव कोई सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि एक कुख्यात माओवादी कमांडर है. उस पर झारखंड और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में लेवी वसूली, पुलिस पर घात लगाकर हमला करने और हत्या जैसी कई गंभीर घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं.
महाराष्ट्र से हुई थी गिरफ्तारी
कारू यादव मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग जिले का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था. साल 2022 में सूचना मिली थी कि वह बीमार अवस्था में महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में छिपकर इलाज करा रहा है. इसके बाद झारखंड पुलिस और महाराष्ट्र एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में है.
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