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SAIL ने भारतीय नौसेना के तीन नए युद्धपोतों के लिए 5,700 टन विशेष स्टील की आपूर्ति की

इस्पात मंत्रालय के अधीन  केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम और महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने भारतीय नौसेना के हाल ही में कमीशन किए गए तीन अत्याधुनिक जहाजों - उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट आ

By : Vaibhaw Vikram
SAIL ने भारतीय नौसेना के तीन नए युद्धपोतों के लिए 5,700 टन विशेष स्टील की आपूर्ति की

न्यूज11 भारत
रांची/डेस्क:
इस्पात मंत्रालय के अधीन  केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम और महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड (SAIL) ने भारतीय नौसेना के हाल ही में कमीशन किए गए तीन अत्याधुनिक जहाजों - उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस दूनागिरी (INS Dunagiri), एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट आईएनएस अग्रय (INS Agray), और सर्वेक्षण पोत (लार्ज) आईएनएस संशोधक (INS Sanshodhak) के निर्माण के लिए पूरे 5,700 टन विशेष स्टील की आपूर्ति अकेले करके देश की नौसैनिक क्षमताओं को मजबूत करने में एक बार फिर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इन तीनों उन्नत जहाजों को 21 जून, 2026 को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर आयोजित एक ऐतिहासिक समारोह के दौरान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल (कमिशन) किया गया.

SAIL ने इन तीनों अत्याधुनिक जहाजों के लिए विशेष गुणवत्ता की DMR 249A ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की सप्लाई की है. कंपनी ने इस डिफेंस ग्रेड स्टील का उत्पादन और आपूर्ति अपने बोकारो, भिलाई और राउरकेला इस्पात संयंत्रों के जरिये बेहद ही सावधानीपूर्वक किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि SAIL के पास देश की समुद्री सुरक्षा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतरीन और आधुनिक तकनीकी क्षमता है.

SAIL देश के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों को लगातार आगे बढ़ा रहा है. SAIL देश के महत्वपूर्ण नौसैनिक प्लेटफार्मों के लिए विशेष स्टील का उत्पादन करके, भारत के रक्षा स्वदेशीकरण का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है. देश की रक्षा क्षेत्र की उभरती जरूरतों को देखते हुए, SAIL ने डीएमआर (DMR) ग्रेड प्लेटों का उत्पादन बढ़ाने हेतु अपनी प्लेट-उत्पादन सुविधाओं, विशेषकर राउरकेला स्टील प्लांट के 'स्पेशल प्लेट प्लांट' में पहले से ही अतिरिक्त पहल लागू किए हैं. यह रणनीतिक कदम रक्षा-ग्रेड स्टील के क्षेत्र में भारत के बढ़ते आयात प्रतिस्थापन (import substitution) में साफ दिखाई देता है.

SAIL के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड में ऐतिहासिक स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत के साथ-साथ विशिष्ट प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट्स - आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि के लिए स्टील की आपूर्ति शामिल है. इसके अलावा, SAIL का विशेष स्टील आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार और आईएनएस अंजदीप जैसे शक्तिशाली जहाजों की रीढ़ है. इन उन्नत युद्धपोतों का सफल समावेश भारत की समुद्री संप्रभुता और क्षमताओं में एक निर्णायक मील का पत्थर है.

SAIL अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा, 'भारत के रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख भागीदार के रूप में, SAIL देश की आत्मनिर्भरता की जरूरतों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. कंपनी ने पहले से ही रक्षा क्षेत्र की लगातार बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, डीएमआर (DMR) ग्रेड प्लेटों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ज़ोर दिया, विशेषकर राउरकेला स्टील प्लांट के स्पेशल प्लेट प्लांट पर ध्यान केंद्रित किया है. इन उच्च-क्षमता वाली DMR 249A स्टील प्लेटों की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूती  प्रदान करती है, बल्कि SAIL की अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता को भी प्रमाणित करती है.'

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