रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा

रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा: आरोपी बिल्डर शुभम साबू को बेल देने से कोर्ट का इनकार, जमानत याचिका खारिज

रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा मामले के आरोपी बिल्डर शुभम साबू को बेल देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है.

By : Ark Sahuliyar
रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा: आरोपी बिल्डर शुभम साबू को बेल देने से कोर्ट का इनकार, जमानत याचिका खारिज

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा मामले के आरोपी बिल्डर शुभम साबू को बेल देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है. एसीबी की विशेष कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी. 28 जून को एसीबी ने आरोपी बिल्डर को गिरफ्तार किया था. शुभम साबू लकी कॉन्ट्रैक्शन के बिल्डर है. शुभम के लकी कॉन्ट्रैक्शन ने मोरहाबादी और कोकर मौजा के इस विवादित जमीन पर आलीशान अपार्टमेंट बनाया था. अवैध निर्माण में करीब 14 करोड़ रुपए निवेश किया गया था. झारखंड हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. इस मामले में 7 अप्रैल को एसीबी ने 4 आरोपी राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बढ़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था. आरोपियों ने मिलीभगत कर रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की थी. मामला 1964-65 में रिम्स की अधिग्रहीत करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जिसपर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान. और मकान बना लिया गया था. मामले में एसीबी ने आधा दर्जन से अधिक को आरोपी बनाया है.

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