रक्षाबंधन उत्सव

सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भरनो में हर्षोल्लास से मना रक्षाबंधन उत्सव

विद्यालय परिसर भाई-बहन के पवित्र प्रेम,स्नेह और आपसी सहयोग की भावना से सराबोर रहा.

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर भरनो में हर्षोल्लास से मना रक्षाबंधन उत्सव

प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत

भरनो/डेस्क: भरनो स्थित सीताराम साव सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बुधवार को रक्षाबंधन उत्सव हर्षोल्लास,श्रद्धा और भारतीय संस्कृति के अनुरूप मनाया गया.कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ सभी आचार्यगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस दौरान विद्यालय परिसर भाई-बहन के पवित्र प्रेम,स्नेह और आपसी सहयोग की भावना से सराबोर रहा.कार्यक्रम के दौरान छात्राओं द्वारा खुद से तैयार किए हुए राखी विद्यालय के छात्रों की कलाई पर विधिवत राखी बांधी और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं.वहीं छात्रों ने भी बहनों की रक्षा,सम्मान और सहयोग का संकल्प लिया.राखी बांधने के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला. पूरे विद्यालय में उत्सव का माहौल बना रहा.

इस अवसर पर विद्यालय के आचार्यगण ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन पर्व के ऐतिहासिक,धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी.उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं है,बल्कि यह प्रेम,विश्वास,जिम्मेदारी,त्याग और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है.भारतीय संस्कृति में इस पर्व का विशेष महत्व है और यह लोगों को आपसी संबंधों को मजबूत बनाने तथा एक-दूसरे के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना रखने की प्रेरणा देता है.आचार्यगण ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति,परंपराओं और संस्कारों से जुड़े पर्व-त्योहारों के महत्व को समझने तथा उन्हें जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों में अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ती है तथा उनमें भाईचारा और सामाजिक समरसता की भावना विकसित होती है.विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व है.ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कारों और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें प्रेम, सहयोग और आपसी सम्मान की भावना विकसित करना है.उन्होंने सभी विद्यार्थियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं.उत्सव के दौरान विद्यालय का वातावरण पूरे दिन उत्साह और उल्लास से भरा रहा.विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और आपसी प्रेम एवं भाईचारे का संदेश दिया.

कार्यक्रम के अंत में सभी ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.मौके पर प्रधानाचार्य सुरेश कुमार राय के अलावा आचार्य वीरेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार सिंह,मुकेश कुमार शाही,संतोष कुमार तिवारी,सुद्धेश्वर साहू,लिविंग केरकेट्टा तथा आचार्या संयुक्त देवी,पूनम सारंगी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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