मनोज सिंह/न्यूज़11 भारत
जमशेदपुर/डेस्क: जिले के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 2026 बैच के नए एमबीबीएस छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया है. 15 सीनियर छात्रों ने मिलकर 8 जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग की है. बताया जा रहा है कि सभी 15 छात्रों पर कार्रवाई होनी तय है. छात्रों पर 25 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है.
इस मामले में जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने भी जांच तेज कर दी है. दोषी पाए जाने वाले सीनियर छात्रों के खिलाफ परीक्षा से डिबार करने, छात्रावास से निष्कासित करने और जुर्माना लगाने समेत अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. कल शनिवार को पूरे दिन कॉलेज में बैठकों और पूछताछ का दौर चलता रहा. शाम को एसडीएम अर्णव मिश्रा ने करीब तीन घंटे तक मामले की जांच की और संबंधित अधिकारियों एवं छात्रों से जानकारी ली.
क्या है पूरा मामला?
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 1:30 बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पीजी पुरुष छात्रावास में रह रहे 2026 बैच के एमबीबीएस छात्रों के साथ सीनियर छात्रों द्वारा कथित तौर पर रैगिंग और दुर्व्यवहार किया गया. घटना के बाद नए बैच के कई छात्र छात्रावास से बाहर निकल आए और हंगामा करने लगे.
छात्रों का कहना था कि रैगिंग से अधिक आपत्तिजनक व्यवहार उनके साथ की गई कथित अभद्र भाषा और गाली-गलौज भी की. इसके बाद छात्रावास के कुछ कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया. मामले की जानकारी मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू की, जो शनिवार को भी जारी रही. अब जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी.
एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक
शनिवार सुबह प्राचार्य कक्ष में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुलाई गई. इसमें 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों को बुलाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई. इसके बाद संबंधित प्रीफेक्ट और 2024 व 2025 बैच के सीनियर छात्रों से भी जानकारी ली गई. कॉलेज प्रशासन ने छात्रावास में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच की.
शाम को एसडीएम अर्णव मिश्रा एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे. उन्होंने प्राचार्य, अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की. इस दौरान नए बैच के छात्रों और आरोपित सीनियर छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की गई. प्रशासन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा.
एसडीएम अर्णव मिश्रा ने बताया कि मामले की प्राथमिक जांच जारी है. 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों के साथ-साथ 2024 और 2025 बैच के सीनियर छात्रों से भी पूछताछ की गई है. छात्रावास का निरीक्षण करने के अलावा सीसीटीवी फुटेज की जांच भी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला सीधे तौर पर रैगिंग के बजाय छात्रों के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. मेडिकल कॉलेज की संबंधित गाइडलाइन और निर्धारित मानदंडों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसमें परीक्षा से डिबार करने और छात्रावास से निष्कासित करने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है. जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सामने आने वाली कमियों को भी दूर किया जाएगा.
बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार, अधीक्षक डॉ. बलराम झा, डॉ. उमाशंकर, डॉ. विश्वास, होमगार्ड कमांडेंट हरिहर सिंह मुंडा और एमजीएम थाना प्रभारी सचिन कुमार दास समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
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