विकास कुमार/न्यूज 11 भारत
हुसैनाबाद/डेस्क: पलामू के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में एक हत्या की जांच ने करीब ग्यारह महीने पुराने दूसरे हत्याकांड का राज खोल दिया. पुलिस अनुसंधान में सामने आई घटनाओं की कड़ी किसी क्राइम वेब सीरीज की कहानी से कम नहीं है. वर्ष 2025 में दशहरा के समय नंदन मुसहर की हत्या से शुरू हुआ विवाद बदले की भावना में मुटुर मुसहर की हत्या तक पहुंच गया. पुलिस के अनुसार, एक हत्या का बदला लेने के लिए दूसरी हत्या की गई.
बताया जाता है कि नंदन मुसहर रोजी-रोटी के लिए चेन्नई गया था. इसी दौरान उसकी पत्नी जीतन मुसहरीन का मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीधवर निवासी संतोष मुसहर से संबंध बन गया और वह संतोष के साथ बीधवर गांव में रहने लगी. दशहरा के समय नंदन जब वापस मोहम्मदगंज आया तो उसे पत्नी के बारे में जानकारी मिली. पत्नी को वापस लाने को लेकर उसने दबाव बनाया.
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि इसके बाद संतोष मुसहर समेत अन्य लोग नंदन को गढ़वा जिले के मंझिआव थाना क्षेत्र के खरसोता गांव के पास ले गए. वहां सभी ने खाना-पीना किया. इसके बाद नंदन की हत्या कर शव को कोयल नदी में बहा देने की बात सामने आई है.
नंदन की हत्या की जानकारी उसके पिता दिनेश मुसहर को मिली. आरोप है कि घटना में शामिल लोगों ने दिनेश को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इसकी जानकारी दी तो उसके पूरे परिवार की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया जाएगा. बेटे की हत्या और धमकी के बाद दिनेश के मन में बदले की भावना पैदा हुई.
बदले की साजिश में मुटुर मुसहर की हत्या
पुलिस के अनुसार , इसके बाद दिनेश मुसहर ने बदला लेने की योजना बनाई. संतोष मुसहर के चाचा मुटुर मुसहर को निशाना बनाया गया. कमाने खाने के लिए दिनेश ने मुटुर को बिहार के डेहरी ऑन सोन ले गया. वहां सोन नदी किनारे श्मशान घाट के पास कंबल दिलाने के बहाने उसे ले जाया गया. आरोप है कि इसी स्थान पर दिनेश और उसके साथियों ने मुटुर मुसहर की हत्या कर शव को दफना दिया.
मामला तब सामने आया, जब मुटुर मुसहर के अपहरण और हत्या के आरोप में मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 31/2026, 10 अगस्त 2026 को दर्ज किया गया. पुलिस अधीक्षक पलामू के निर्देश पर हुसैनाबाद एसडीपीओ आईपीएस दिव्यांश शुक्ल के नेतृत्व में छापेमारी दल गठित किया गया.
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने दिनेश मुसहर, विकाश मुसहर, गोविन्द्र मुसहर और श्रवण मुसहर को गिरफ्तार किया. पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपितों ने मुटुर के अपहरण कर हत्या की बात स्वीकार की. उनकी निशानदेही पर डेहरी नगर थाना क्षेत्र के सोन नदी किनारे पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास से मुटुर मुसहर का नर-कंकाल बरामद किया गया. आवश्यक कार्रवाई के बाद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भेजा गया. चारों आरोपितों को बीते 15 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
मुटुर हत्याकांड की जांच में खुला नंदन की हत्या का राज
मुटुर हत्याकांड की जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने करीब 11 महीने पुरानी अक्टूबर 2025 दशहरे की समय का नंदन मुसहर की हत्या की कहानी भी सामने आ गई. पुलिस के अनुसार, नंदन की हत्या का बदला लेने के लिए मुटुर की हत्या की गई थी. इसके बाद नंदन हत्याकांड में भी कार्रवाई शुरू हुई.
इस मामले में संतोष मुसहर, धरमेन्द्र मुसहर और नन्दु मुसहर के विरुद्ध मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 33/2026 दर्ज किया गया है. पुलिस ने नंदन हत्याकांड में संतोष मुसहर और धरमेन्द्र मुसहर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की है.
पुलिस टीम ने ऐसे जोड़ी दोनों हत्याओं की कड़ी
मामले की जानकारी हुसैनाबाद एसडीपीओ आईपीएस दिव्यांश शुक्ल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने अनुसंधान और छापेमारी के दौरान दोनों घटनाओं के बीच की कड़ी को जोड़ा. एक हत्याकांड की जांच के दौरान दूसरे हत्याकांड का खुलासा हुआ.
कार्रवाई में एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल, मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन, अनुसंधानकर्ता मनोज मुंडा, देवरी ओपी प्रभारी राजू गुप्ता, लठेया पिकेट प्रभारी मुकेश कुमार सिंह, सहायक अवर निरीक्षक कयामुद्दीन अंसारी सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे.
बता दें कि एक हत्या का बदला लेने के लिए शुरू हुआ यह खूनी सिलसिला दूसरी हत्या तक पहुंचा और आखिरकार दूसरी हत्या की जांच ने पहली हत्या का राज भी पुलिस के सामने खोल दिया.
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