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रांची/डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के हजारों पुलिसकर्मियों के पक्ष में एक अहम निर्णय सुनाते हुए सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि आठ सप्ताह के भीतर पात्र सभी कर्मियों को एसीपी (ACP) और एमएसीपी (MACP) का लाभ दिया जाए. अदालत ने यह भी आदेश दिया कि लंबित बकाया राशि (एरियर) का भुगतान भी इसी तय समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए.
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
यह फैसला याचिका WP(S) 876/2025, कर्ण सिंह बनाम झारखंड सरकार व अन्य पर सुनवाई के दौरान आया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सख्त रुख अपनाया. कोर्ट के निर्देश पर डीजीपी तदाशा मिश्र, गृह सचिव वंदना डाडेल और कार्मिक डीआईजी सुरेंद्र झा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने राज्य सरकार को इस मामले में दायर एलपीए (लेटर पेटेंट अपील) वापस लेने का निर्देश भी दिया.
पीटीसी शर्त हटने से सभी को मिलेगा लाभ
इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब पीटीसी (पुलिस ट्रेनिंग कोर्स) पास और फेल दोनों श्रेणियों के पुलिसकर्मी एसीपी और एमएसीपी लाभ के पात्र होंगे. पहले तकनीकी कारणों और प्रशिक्षण से जुड़ी बाध्यता के कारण कई कर्मियों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा था. अदालत के हस्तक्षेप के बाद अब यह अड़चन दूर हो गई है. सुनवाई के दौरान डीजीपी और गृह सचिव ने कोर्ट के निर्देशों को लागू करने पर सहमति जताई.
पुलिस संगठन ने फैसले का किया स्वागत
झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कर्ण सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पुलिसकर्मियों की जीत बताया. उन्होंने कहा कि यह आदेश उन जवानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अपने वित्तीय अधिकारों का इंतजार कर रहे थे. उनके अनुसार, इस फैसले से पुलिस बल के मनोबल में वृद्धि होगी और उन्हें समय पर वित्तीय प्रोन्नति का लाभ मिल सकेगा.
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