संतोष श्रीवास्तव/विकास कुमार/न्यूज़11 भारत
पलामू/डेस्क: पलामू जिला प्रशासन ने एक बार फिर संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है. हुसैनाबाद प्रखंड की लोटनियां पंचायत अंतर्गत बरडीहा गांव के चार अनाथ बच्चों की मदद के लिए पलामू उपायुक्त ने खुद आगे आकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है. दरअसल, समाजसेवी सतीश शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर इन बच्चों की दयनीय स्थिति को साझा किया था. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पलामू उपायुक्त दिलीप सिंह शेखावत सहित अन्य अधिकारियों को टैग कर सरकारी सहायता का आग्रह किया था. सोमवार को इस पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए पलामू उपायुक्त ने बच्चों की मदद के लिए त्वरित निर्देश जारी किए.

कोरोना ने छीना पिता का साया, अब मां भी छोड़ गईं दुनिया
मिली जानकारी के अनुसार, बरडीहा गांव निवासी चांदनी कुमारी (17), नंदनी कुमारी (15), शिवानी कुमारी (7) और शिवम कुमार (5) के पिता श्रीवास्तव राम की मृत्यु कोरोना काल के दौरान हो गई थी. पिता के निधन के बाद मां कौशल्या देवी किसी तरह मजदूरी और संघर्ष कर चारों बच्चों का पालन-पोषण कर रही थीं. लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था बीते 26 जून 2026 को मां का भी आकस्मिक निधन हो गया. इसके बाद ये चारों मासूम पूरी तरह से अनाथ हो गए. वर्तमान में सभी बच्चे हुसैनाबाद प्रखंड के खरारपर गांव में अपने मौसा के घर शरण लिए हुए हैं.
राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं से वंचित हैं मासूम
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस अत्यंत गरीब परिवार के पास राशन कार्ड तो है, लेकिन उसमें केवल माता-पिता और बड़ी बेटी का ही नाम दर्ज था. माता-पिता के निधन के बाद नियमानुसार उनका नाम हट जाएगा, जिससे बच्चों के सामने राशन का संकट खड़ा हो सकता है. शेष तीन बच्चों का नाम अब तक राशन कार्ड में नहीं जुड़ पाया है. इसके अलावा, इन अनाथ बच्चों को अब तक किसी अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ भी नहीं मिल सका है. उपायुक्त बोले– 'बच्चों, आप अकेले नहीं हैं, प्रशासन आपके साथ है'
मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजसेवी सतीश शर्मा ने बरडीहा गांव पहुंचकर बच्चों की सुध ली और उनकी स्थिति को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इस पर पलामू उपायुक्त दिलीप सिंह शेखावत ने बेहद संवेदनशील जवाब देते हुए लिखा कि "बच्चों, आप अकेले नहीं हैं. जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ आपके साथ खड़ा है. हमारे पदाधिकारी शीघ्र ही आपसे मिलेंगे. आपकी आवश्यकताओं के अनुसार सरकार की सभी पात्र योजनाओं एवं जरूरी सहायता का लाभ जल्द सुनिश्चित किया जाएगा."
उपायुक्त के इस त्वरित और मानवीय रुख के बाद समाजसेवी सतीश शर्मा ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रशासन की इस पहल से चारों अनाथ भाई-बहनों को जल्द ही राशन, शिक्षा और सरकारी पेंशन जैसी आवश्यक योजनाओं का लाभ मिल सकेगा, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.