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रांची/डेस्क: रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा मामले के आरोपी सोनू कुमार शरण को अग्रिम राहत नहीं मिली है. एसीबी की विशेष कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की. झारखंड हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की. इस मामले में 7 अप्रैल को एसीबी ने 4 आरोपी राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बढ़ाईक, राजेश झा और चेतन कुमार को गिरफ्तार किया था. बाद में बिल्डर शुभम साबू को गिरफ्तार किया था. आरोपियों ने मिलीभगत कर रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की थी. मामला 1964-65 में रिम्स की अधिग्रहीत करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा है. जिसपर अवैध कब्जा कर अपार्टमेंट, दुकान. और मकान बना लिया गया था. मामले में एसीबी ने आधा दर्जन से अधिक को आरोपी बनाया है.
रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा मामले के आरोपी सोनू कुमार शरण को राहत नहीं, अग्रिम जमानत याचिका खारिज
रिम्स की अधिग्रहीत जमीन फर्जीवाड़ा मामले के आरोपी सोनू कुमार शरण को अग्रिम राहत नहीं मिली है. एसीबी की विशेष कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की.
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