पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
घाघरा/डेस्क: घाघरा समग्र शिक्षा अभियान के तहत घाघरा प्रखंड परिसर में बुधवार को दिव्यांग बच्चों के बीच सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सविता देवी एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. शिविर के दौरान कई दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने जरूरत के अनुरूप उपकरण नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई. कुछ बच्चों ने व्हीलचेयर लेने से इनकार करते हुए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की.
लाभार्थियों का कहना था कि जो बच्चे कुछ दूरी तक चलने-फिरने में सक्षम हैं, उनके लिए व्हीलचेयर उपयोगी नहीं है. उन्हें ट्राइसाइकिल मिलने पर वे स्वयं स्कूल आ-जा सकेंगे और दूसरों पर निर्भर नहीं रहेंगे. कस्तूरबा विद्यालय की एक छात्रा ने भी व्हीलचेयर लेने से इनकार करते हुए बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल की मांग की. विरोध के बाद विभागीय अधिकारियों एवं कर्मियों ने लाभार्थियों और अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. इसके बाद दो ट्राइसाइकिल और आठ व्हीलचेयर का वितरण किया गया.
कई अभिभावकों ने कहा कि सभी लाभार्थियों को उनकी वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण नहीं मिले.अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि शिविर में दिव्यांग बच्चों का समुचित चिकित्सकीय आकलन नहीं किया जाता, जिसके कारण कई बार गलत श्रेणी के सहायक उपकरण उपलब्ध करा दिए जाते हैं. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर भविष्य में जरूरत आधारित उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की.
सरकार की मंशा दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना है प्रखंड प्रमुख सविता देवी
प्रखंड प्रमुख सविता देवी ने कहा किसी भी दिव्यांग बच्चे को उसकी आवश्यकता से वंचित नहीं रहने देंगे. यदि किसी लाभार्थी को जरूरत के अनुरूप उपकरण नहीं मिला है, तो संबंधित विभाग से इसकी समीक्षा कराई जाएगी, ताकि प्रत्येक बच्चे को उसकी वास्तविक आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जा सके."
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