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रांची/डेस्क: बिना म्युनिसिपल ट्रेड लाइसेंस के संचालित कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कोचिंग संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. JMM के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि छात्र आंदोलन में कोचिंग संस्थानों की भूमिका अहम रही है और पूरा अभियान कोचिंग संचालकों ने अपने स्तर पर चलाया था.
मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग संस्थानों को बीजेपी से दिशा-निर्देश मिल रहे थे. उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास किया गया. न्यायालय की ओर से रोक लगाए जाने के बाद भी हेमंत सोरेन का पुतला जलाने की जरूरत क्यों पड़ी, यह सवाल खड़ा होता है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर अभद्र भाषा और गाली-गलौज का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि जो अपराध मुख्यमंत्री ने किया ही नहीं, उसकी सजा उन्हें क्यों दी जा रही है. आदिवासी मुख्यमंत्री होने के कारण किसी को भी कुछ भी बोलने की छूट नहीं दी जा सकती.
JMM प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कोचिंग संस्थानों की ओर से छात्र आंदोलन के नाम पर चंदा उगाही की गई और इसके लिए बारकोड तक जारी किए गए. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसे और किस तरह की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही थी, यह किसी से छिपा नहीं है. मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि कोचिंग संस्थानों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए छात्र आंदोलन को बढ़ावा दिया.
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