मदद की गुहार

दुबई से प्रवासी श्रमिक का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की मांग, नागेन्द्र महतो ने विदेश मंत्री से किया हस्तक्षेप का आग्रह

रोजगार छूटने के बाद वे लंबे समय तक आर्थिक संकट से जूझते हुए असहाय स्थिति में कर रहे थे जीवनयापन

By : News11 Bharat , Pramod Kumar
दुबई से प्रवासी श्रमिक का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने की मांग, नागेन्द्र महतो ने विदेश मंत्री से किया हस्तक्षेप का आग्रह

न्यूज11  भारत

बगोदर/डेस्क: बगोदर प्रखंड की तिरला पंचायत निवासी प्रवासी श्रमिक लालचंद महतो की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठी है.

मृतक के परिजन बगोदर विधायक एवं विपक्ष के सचेतक नागेन्द्र महतो से मिले और पूरे मामले से उन्हें अवगत कराया. परिजनों के अनुसार लालचंद महतो इसी वर्ष जनवरी 2026 में रोजगार के सिलसिले में दुबई गए थे. वहां काम के दौरान उनका पासपोर्ट खो गया, जिसके बाद कंपनी ने उन्हें नौकरी से हटा दिया. रोजगार छूटने के बाद वे लंबे समय तक आर्थिक संकट से जूझते रहे और असहाय स्थिति में जीवनयापन कर रहे थे.

परिजनों ने बताया कि 28 फरवरी 2026 के बाद से उनका लालचंद से कोई संपर्क नहीं हो सका. बाद में 5 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि दुबई में एक सड़क किनारे फुटपाथ के नीचे उनका शव बरामद हुआ है. स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक नागेन्द्र महतो ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. साथ ही उन्होंने दुबई स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से दूरभाष पर बातचीत कर मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक भारत भेजने का अनुरोध किया है.

विधायक ने अपने पत्र में संबंधित कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने, मृतक के लंबित वेतन, मृत्यु संबंधी सभी वैधानिक लाभ तथा नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है.

उन्होंने कहा कि लालचंद महतो के निधन से उनका परिवार गहरे मानसिक आघात और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है. ऐसे में केंद्र सरकार मानवीय आधार पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने, दोषी पक्ष की जवाबदेही तय करने तथा पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता और न्याय सुनिश्चित करे.

यह भी पढ़ें: भरनो में 219 छात्र-छात्राओं के बीच साइकिलों का वितरण, फिटिंग दुरुस्त होने के बाद सफलतापूर्वक हुआ वितरण कार्यक्रम

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.