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रांची/डेस्क: रांची में झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की प्रेस वार्ता हुई. आयोग और सकल जैन समाज के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में जैन समाज से जुड़ी कई मांगों और समस्याओं पर चर्चा हुई. सम्मेद शिखरजी में मांस-मदिरा के सेवन पर रोक, जैन शिक्षण संस्थानों को सरकारी मान्यता और अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने समेत कई मांगें आयोग के सामने रखी गईं.आयोग की ओर से सकल जैन समाज के साथ महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी दी गई. बैठक में जैन समाज की धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक जरूरतों से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए. जैन समाज के सबसे बड़े तीर्थस्थलों में शामिल सम्मेद शिखरजी यानी पारसनाथ की पवित्रता को लेकर समाज ने आयोग के सामने अपनी मांग रखी.
समाज की मांग है कि तीर्थस्थल क्षेत्र में मांस और मदिरा के सेवन पर रोक सुनिश्चित की जाए. मामले में अल्पसंख्यक आयोग ने पहल करने और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है वहीं जैन समाज के शिक्षण संस्थानों को लेकर आ रही चुनौतियों का मुद्दा भी बैठक में उठा. जैन समुदाय के संस्थानों को सरकारी मान्यता दिलाने और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को जल्द दूर करने की मांग की गई. आयोग ने इस दिशा में आवश्यक पहल का भरोसा दिया है चातुर्मास के दौरान जैन साधु-संतों के प्रवास को लेकर भी जमीन उपलब्ध कराने की मांग सामने आई.
समाज की ओर से धार्मिक गतिविधियों और साधु-संतों के ठहरने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है. इसके साथ ही जैन समाज को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने की मांग भी रखी गई. समाज का कहना है कि प्रमाण पत्र मिलने से समुदाय के लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा और सामाजिक-शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी.
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