बड़ी उपलब्धि

इस्पात मंत्रालय ने मेकॉन लिमिटेड को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्रदान किया

535 करोड़ रुपये से अधिक की कुल संपत्ति के साथ मिला मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
इस्पात मंत्रालय ने मेकॉन लिमिटेड को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्रदान किया

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: इस्पात मंत्रालय ने अनुसूची 'ए' के ​​अंतर्गत आने वाले केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) मेटलर्जिकल एंड इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (इंडिया) लिमिटेड (मेकॉन) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है. मेकॉन ने हाल के वर्षों में महत्वपूर्ण वित्तीय उपलब्धियां हासिल की हैं. कंपनी ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में लगातार लाभ दर्ज किया है, जिसमें वित्त वर्ष 2023-24 (पुनर्घोषित) में 77.62 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2024-25 (पुनर्घोषित) में 32.08 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 104.53 करोड़ रुपये का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) शामिल है. कंपनी ने 31 मार्च 2026 तक 535.42 करोड़ रुपये की सकारात्मक शुद्ध संपत्ति भी दर्ज की है, जिससे वह सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) द्वारा मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्राप्त करने के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करती है.

मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा मिलने से मेकॉन लिमिटेड के बोर्ड को वित्तीय और परिचालन संबंधी स्वायत्तता में वृद्धि प्राप्त हुई है. शक्तियों के इस बढ़े हुए प्रत्यायोजन से कंपनी को निवेश, आधुनिकीकरण पहल, तकनीकी उन्नयन और व्यापार विस्तार परियोजनाओं को अधिक लचीलेपन और गति के साथ क्रियान्वित करने में मदद मिलेगी, जिससे इसके भविष्य के विकास पथ को बल मिलेगा.

वर्ष 1959 में स्थापित और रांची में मुख्यालय वाली मेकॉन लिमिटेड देश की प्रमुख इंजीनियरिंग, परामर्श, परियोजना प्रबंधन और ठेका देने वाली कंपनियों में से एक है. कंपनी ने देश के इस्पात क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. कंपनी ने खनन, अवसंरचना, बिजली, तेल एवं गैस तथा अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में अपने परिचालन का विस्तार किया है.

यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) को अधिक स्वायत्तता और परिचालन लचीलापन प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को मजबूत करने, उनकी दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करने और उन्‍हें देश के आर्थिक तथा अवसंरचना विकास में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम बनाने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है.

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