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चक्रधरपुर/डेस्क: दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ CBI ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने डिप्टी चीफ सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर को कथित तौर पर 24 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. मामले में कोलकाता स्थित निजी कंपनी एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों को भी हिरासत में लिया गया है.
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी अधिकारी पर चक्रधरपुर मंडल में चल रही सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन परियोजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों को मंजूरी देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है. बताया जा रहा है कि कॉन्ट्रैक्ट वेरिएशन और प्राइस वेरिएशन क्लॉज से संबंधित फाइलों को आगे बढ़ाने तथा कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए पैसों की डिमांड की गयी थी. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इसी मामले में आरोपी अधिकारी ने पहले भी मई 2025 में 25 लाख रुपये की रिश्वत ली थी.
हावड़ा स्टेशन पर बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 24 जुलाई को मामला दर्ज कर निगरानी शुरू की. जांच के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी अधिकारी शेष 4 लाख रुपये लेने के लिए हावड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचने वाला है. इसके बाद एजेंसी ने ट्रैप बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया.
गिरफ्तारी के बाद हुई ताबड़तोड़ छापेमारी
गिरफ्तारी के तुरंत बाद सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में आरोपी अधिकारी तथा मामले से जुड़े अन्य लोगों के घरों और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की. तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
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